Tag: हिन्दी प्रेम रस की कविता

हिन्दी कविता और शायरी

मोहब्बत

अभिषेक श्रीवास्तव “शिवाजी” द्वारा रचित कविता “मोहब्बत”, बिखर कर खुद में, खुद को ही ढूंढ रहे हैं।ख्वाबों में उस मंजर को हम भी ढूंढ रहे हैं।।

कविता और शायरी

नजरों के नश्तर से दिल घायल होते हैं

रौशन कुमार ‘प्रिय’ द्वारा रचित कविता “नजरों के नश्तर से दिल घायल होते हैं”, नजरों के नश्तर से दिल घायल होते हैं,वे पागल होते हैं, जो याद में रोते हैं।

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कर्म हैं सबके

रौशन कुमार ‘प्रिय’ द्वारा रचित कविता “कर्म हैं सबके “, कौन कहता है,ये उल्फतों की दुनिया बड़ी दर्द भरी है,सुन के कांटो में गुलाब खिलखिलाने लगे।

हिन्दी कविता

यार मैं गलती करता हूँ

निर्दोषकुमार “विन” द्वारा रचित कविता “यार मैं गलती करता हूँ “,मासूम दिखा सहयोग किया। उसी ने दिल पर बार किया।।फिर भी,क्यों ना चेहरे पढ़ता हूँ।