देशभक्ति कविता प्रतियोगिता, जी नागेश्वरी

असंख्य लोगों के त्याग और बलिदान के कारण 15अगस्त 1947 ई0 को भारत आजाद हुआ। ऐसे ही एक स्वतंत्रता सेनानी भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद को याद करते हुए एक छोटी सी कविता सपर्पित करती हुँ।

हिन्दी कविता प्रतियोगिता की प्रतिभागी "जी नागेश्वरी "

15 अगस्त के उपलक्ष पर देशभक्ति कविता प्रतियोगिता चल रही है। जिसमे "जी नागेश्वरी" जी ने स्वरचित कविता "डॉ राजेन्द्र प्रसाद" के माध्यम से भाग लिया है।
अगर आप भी अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते है तो आपका स्वागत है। ये प्रतियोगिता निशुल्क है। विजेताओं को इनाम और गिफ्ट दिए जाएंगे। भाग लेने के लिए नीचे दिए गए बटन पे क्लिक करें।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद

पराधीनता के ज़ंजीरों से ,

किया भारत माता को आज़ाद ।

शीश झुकाकर करते रहेंगे सदैव याद,

उन अनगिनत योद्धाओं को जिसने दी अपनी क़ुर्बानी।

हैं एक योद्धा डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद उनमें ,

लिया जन्म बिहार के सिवान ज़िले में,

थे बचपन से ही बुद्धिमान और होनहार,

मिली  स्वर्ण पदक शिक्षा के क्षेत्र में ।

होकर प्रेरित  बने गांधी के अनुयायी

छोड़ परिवार को बने देश के पुजारी।

सरलता,सादगी सा था उनका जीवन,

थे आज़ाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति ।

दिया शिक्षा के विकास पर  जोर,

मिली उनकों भारत रत्न की उपाधि ।

गणतंत्र भारत का आकार,

थे देने में एक वास्तुकार।

लिया फैसला दिया इस्तीफ़ा पद को,

चले,जनसेवा में समर्पित करने को।

चुना पटना के सदाकत आश्राम,

और लिए अपना वहाँ साँस अंतिम।

फ़रवरी २८ ,१९६३ का दिन था,

 खोया भारत और बिहार एक अनमोल हीरा को।

चट्टान सदृश्य आदर्श सपुत था,

भारत के थे प्रतीक,शत शत नमन  हैं,उस वीर कों।

       🙏🏼जय हिन्द जय भारत 🙏🏼

 *स्वरचित  –   जी नागेश्वरी
उम्र (Age) – 60
पेशा  – सेवा निवृत शिक्षिका ( झारखण्ड, जमशेदपुर )

15 Aug online हिन्दी कविता प्रतियोगिता 2021

15 Aug के मौके पर Thriving Boost एक साथ दो कविता प्रतियोगिताएं आयोजित करने जा रहा है। प्रतियोगिताएं सभी के लिए खुली है। कोई आयु प्रतिबंध नहीं है।

15 Aug कविता प्रतियोगिताएं

15 Aug के मौके पर Thriving Boost एक साथ दो कविता प्रतियोगिताएं आयोजित करने जा रहा है। प्रतियोगिताएं सभी के लिए खुली है। कोई आयु प्रतिबंध नहीं है।

यह प्रतियोगिताएं 15 अगस्त जानी की “स्वतंत्रता दिवस” के उपलक्ष पर आयोजित की जा रही है। इस अवसर को प्रतिवर्ष मनाने से देश के युवाओं और बच्चों को इस महान राष्ट्र की एकता और अखंडता के महत्व के बारे में पता चलता है और सभी को समृद्ध और विविध विरासत के साथ संपन्न राष्ट्र पर गर्व करने का अवसर मिलता है।

कविता प्रतियोगिताएं इस प्रकार से हैं:

  1. ऑनलाइन कविता पाठन प्रतियोगिता।
  2. ऑनलाइन कविता लेखन प्रतियोगिता।

आपको नीचे दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर कविता लिखनी होगी और Thriving Boost को भेजनी होगी। इस तरह से आप कविता लेखन प्रतियोगिता में भाग ले सकते हो।

अगर आप कविता पाठन प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हो तो आपको अपनी लिखी हुई कविता का पाठन करते हुए हमे video भेजनी होगी। दोनों कविता प्रतियोगिताओं के विषय वही रहेंगे। प्रतिभागी किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते है और एक ही कविता के साथ दोनों प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले सकते है।  

विषय

  • स्वतंत्रता संग्राम।
  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा।
  • स्वतंत्रता दिवस मनाने का सही अर्थ क्या है?

दिशा निर्देश

  • यह प्रतियोगिता केवल हिंदी भाषा में ही है।
  • इस प्रतियोगिता के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।
  • कविता से पहले 2-3 पंक्तियों में ये सुनिश्चित करें कि यह विषय से कैसे संबंधित है।
  • कविताओं में अश्लील भाषा या कोई अभद्र भाषा नहीं होनी चाहिए। ऐसी भाषा का प्रयोग आपको प्रतियोगिता से निष्कासित कर देगा। 
  • कविता आपकी अपनी कृति होनी चाहिए। किसी दूसरे की चुराई गई कविता को भी रद्द कर दिया जाएगा। 
  • कविता पाठन की Video और लिखित कविता भेजने की अंतिम तिथि 12 Aug 21 है। परिणाम 19 Aug 21 को घोषित किये जाएंगे।
  • ध्यान रहे Video में Background Music अनिवार्य नहीं है।
  • Video mobile या कैमरा को landscape रख कर बनाएं।
  • दोनों प्रतियोगिताओं में इस बार प्रतिभागियों को भी बेस्ट कविता चुनने के लिए वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। ये वोटिंग 16 Aug को होगी। सभी प्रतिभागियों को 2 बेहतर कविताओं के लिए वोट करना होगा। जिसका लिंक आप के पास 15 Aug को पहुँच जाएगा। सभी प्रतिभागियों को वोटिंग करना अनिवार्य है।
  • प्रत्येक श्रेणी के परिणामों पर विचार करने के लिए न्यूनतम 20 प्रतिभागियों की आवश्यकता है। अन्यथा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।

प्रतियोगिता के लिए कविता कैसे भेजें ?

कविता लेखन प्रतियोगिता के लिए आप अपनी कविता हमे हमें ईमेल, WhatsApp और नीचे दिए लिंक के माध्यम से भेज सकते है।

कविता पाठन प्रतियोगिता के लिए आप विडिओ WhatsApp और Email से भेज सकते हैं।

नोट : WhatsApp से अगर आप video को document के रूप मे और ईमेल से अगर zip file बना कर भेजोगे तो हम तक विडिओ की अच्छी quality पहुंचेगी।

ईनाम

आप के पास नि:शुल्क मौका है नकद 2000 रुपये तक इनामी राशी, gift और प्रमाण पत्र जीतने का! आप सभी अपनी कविता और कविता पाठन वाली video हमें भेज कर इन प्रतियोगिताओं का हिस्सा बन सकते है। विजेताओं के अलावा निर्णायक मण्डल 10 कविताएं चुनेगें जिन्हे Thriving Boost की बार्षिक पत्रिका में स्थान मिलेगा। दोनों प्रतियोगिताओं की Minimum इनामी राशी नीचे डिब्बे मे दी गई है। 100 से ज्यादा प्रतिभागी होने पर इनाम राशी बड़ा दी जाएगी।

हिन्दी कविता पाठन प्रतियोगिता इनाम हिन्दी कविता लेखन प्रतियोगिता इनाम
प्रथम 1000/- प्रथम 500/-
दूसरा 500/- दूसरा 250/-
तीसरा 250/- तीसरा 150/-
सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र मिलेंगे।

जीत के मानदंड

कविता लेखन प्रतियोगिता

आपकी कविता पर Thriving Boost website पर कम से कम 20 Comments और 200 views  के होने पर ही कविता मानदंड के तहत आएगी। अधिक टिप्पणियां आपको अंतिम परिणाम में लाभान्वित कर सकती हैं।

काव्य तकनीक, प्रभावशीलता, शैली, रचनात्मकता और कुल कितने वोट मिले। ये जीत के मुख्य मानदंड है।

कविता पाठन प्रतियोगिता

आपकी video पर YouTube चैनल पर 16 Aug 2021 तक कम से कम 25 Comments  और 500 view होने पर ही कविता मानदंड के तहत आएगी। अधिक comments और views आपको अंतिम परिणाम में लाभान्वित कर सकती हैं।

काव्य पाठन तकनीक, प्रभावशीलता, शैली और रचनात्मकता और कुल वोट ये जीत के मुख्य मानदंड है।

YouTube पर 16 Aug 21 तक 3 सबसे ज्यादा views प्राप्त करने वाली 3 videos को Thriving Boost की तरफ से उपहार दिए जाएंगे (नोट: लेकिन views 1000 से ज्यादा होने चाहिए)। 

हमें क्या चाहिये?

1.     अगर आप कविता लेखन प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हो तो आपकी लिखी हुई कविता। अगर कविता पाठन प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हो तो कविता पाठन की Video. यदि आप दोनों प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हो तो आपको दोनों भेजने होंगे।

2. आपकी व्यक्तिगत जानकारी जिसमें:

नाम(Name)

उम्र (Age)

पेशा(Your Profession)

डाक पता(Postal Address)

ईमेल आईडी(Email Id) या WhatsApp नंबर(Mobile No.)।

कॉपीराइट

प्रत्येक प्रविष्टि का कॉपीराइट लेखक और Thriving Boost के पास रहता है। थ्राइविंग बूस्ट के पास प्रविष्टियों को प्रकाशित करने का अधिकार है।

सभी विजेताओं को डाक मेल, ईमेल या टेलीफोन द्वारा सूचित किया जाएगा। सभी प्रविष्टियां, कवि/लेखक, उनके नाम और संक्षिप्त जीवनी संबंधी जानकारी Thriving Boost की वेबसाइट और YouTube चैनल पर प्रकाशित की जाएगी।

हिन्दी कविता जीवन

हिन्दी कविता “जीवन” फूलेन्द्री जोशी द्वारा लिखी गई है। जीवन को गणित से जोड़ कर जीवन की परिभाषा समझाने की एक बहुत अच्छी कोशिश है। जिस तरह गणित सभी को समझ नहीं आता जीवन भी को भी समझना हर किसी के बस मे नहीं।

।।जीवन।।

जीवन एक गणित हल करना सबको पड़ेगा।

जो ना इसे हल करे तो वो आगे कैसे बड़ेगा।।

जीवन में खुशियो को जोड़े जाते हैं,

और गम को घटाये जाते हैं,

दोस्तो को गुणा करते हैं,

और दुश्मनो को भाग दिये जाते हैं।

जो शेष फल में आता हैं,

उसी को सही माना जाता है।

जो इस सवाल को सुलझाये वही आगे बड़ेगा।।

जीवन एक गणित………………..,……………।

गणित की तरह आते हैं छोटे बड़े केचिन्ह,

जीवन में संख्या की तरह सम विषम,और अभिन्न भी होते हैं।

जीवन में। कभी करोड़ो का फल मिलता है।

तो कभीहमारा भाग्य शून्य रह जाता हैं।।

शेष फल देखकर यही जीवन है,

ऐसा सबको लगता है।।

जिसे होता है जीवन का अनुभव वही इसको समझेगा।

जीवन एक गणित ………………………………….।।

लंबाई और चौड़ाई की तरह जीवन भी लंबा चौड़ा होता है।

कभी बिंदू की तरह थम जाता है,

और कभी गोलाई की तरह घुम जाता है।

जीवन के पहलु को किलो ग्राम के तरह तौला जाता है,

तो कभी लीटर की तरह बांटकर,

मीटर की तरह नापा जाता है।

जो इस सवाल को समझे,

वही इसको हल करेगा।।

जीवन एक गणित है हल करना सबको पड़ेगा।।

कवि
फूलेन्द्री जोशी, तितिरगांव(जगदलपुर)। जिला_बस्तर (छ.ग.)

शहीद दिवस 2021 कविता

शहीद दिवस 2021 के उपलक्ष्य पर अनुष्का रघुवंशी द्वारा रचित कविता। हमे उन शहीदों की बहादुरी से अवगत करवाती है।

मिट गये इस देश पर ना जाने कितनी माताओं के लाल,

हमारी खुशी के लिए ना जाने कितनी बहनो के अश्क बनकर बह गये उनके भाई,

हमारी निंदो का सौदा कर गये वो अपनी जान से,

आज है मौक़ा हम करेगे उन्हें याद,

आज दोहराएंगे हम वो पुराने राग,

कहते हैं खुदा का देखा नहीं है किसी ने साक्षात्कार,

अरे वो क्या कम हैं किसी परवरदिगार से,

जो जान हथेली पर ले लड गये गौरो के लिये अपने काल से,

सीने पर गोली खाई,

होठों से उनके उफ्फ भी ना आईं,

छोड़कर अपनी माँ का आंचल,

सदा के लिये सो गये गोद में भारत माँ की,

दिलाने हमें आजादी,

खौफ को मात देकर वो शहीद हो गये,

वो वीर जवान ही है जो भारत माँ के नाम अपनी जान लिख गये।

Anushka (siya) Raghuwanshi

शहीद दिवस 23 मार्च

तीन नायक, जिन्होंने हमारे देश को स्वतंत्रता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उन तीन महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए शहीद दिवस मनाया जाता है।

भारत में शहीद दिवस मुख्य रूप से वर्ष में दो बार मनाया जाता है। वास्तव में हम 5 शहीद दिवस मनाते हैं। आज हम 23 मार्च के बारे में बात करने जा रहे हैं।

23 मार्च

23 मार्च को उस दिन के रूप में याद किया जाता है, जब भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर तीन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। इस दिन हम उन्हे याद करते है। जिन्होंने हमारे लिए और हमारी स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया।

तीन नायक, जिन्होंने हमारे देश को स्वतंत्रता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उन तीन महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए शहीद दिवस मनाया जाता है।

फांसी की बजह

1928 में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या करने के लिए उन्हें फांसी दि गयी थी। जिन्हे जेम्स स्कॉट  समझ कर की गलती से मार दिया गया। जेम्स स्कॉट को इसलिए मारना था, क्योंकि वह स्कॉट ही था। जिसने लाठीचार्ज का आदेश दिया था। जिसके कारण लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई थी। ये तीनों उन अमर शहीदों में से थे जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और वो भी तब, जब वे बहुत छोटे थे। वे अनगिनत युवाओं को प्रेरित करते हैं। उनकी मृत्यु ने  एक मिसाल कायम की। ऐसा करने के लिए, उन्होंने आजादी के लिए अपना रास्ता खुद बनाया था।  जिस रास्ते पर व्यक्तिगत वीरता और राष्ट्र के लिए कुछ करने के जज्बे की बहुत ज्यादा जरूरत थी।

इसमें कोई संदेह नहीं है, उन्होंने हमारे राष्ट्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का बलिदान किया है।  चाहे उन्होंने महात्मा गांधी से अलग रास्ता चुना हो। वे भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इतनी कम उम्र में, वे आगे आए और स्वतंत्रता के लिए उन्होंने बहादुरी के साथ संघर्ष किया।

उन्हे कैसे गिरफ्तार किया?

भगत सिंह ने गिरफ्तारी लाहौर जनरल असेंबली में बम्ब फ़ैकने पर दी थी। लेकिन जॉन सॉन्डर्स मामले के साथ उनके संबंध को भी प्रकाश में लाया गया।

सुखदेव को पुलिस द्वारा लाहौर और सहारनपुर में बम फैक्ट्री स्थित करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया।

हालांकि सुखदेव और भगत सिंह को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था।  लेकिन पुलिस ने कई बिंदुओं को जोड़ा और भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को सॉन्डर्स की हत्या के लिए आरोपित किया और उन्हें मौत की सजा सुनाई। इस मामले को बाद से ये केस “लाहौर षड्यंत्र” केस के नाम से जाना गया।

23 मार्च को फांसी

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 24 मार्च को फांसी दी जाने वाली थी, लेकिन एक दिन पहले 23 मार्च को शाम 7:30 बजे उन्हें फांसी दे दी गई।

हर साल हम शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं और उनके लिए अपना सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं।  हम उन वीरों के साहस और उनके दृढ़ संकल्प को याद करते हैं और उन्हे बारम्बार प्रणाम करते है।

अन्य शहीद दिवस

30 जनवरी: जिस दिन महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। उन्हे 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे ने गोली मार दी थी।

13 जुलाई: जम्मू-कश्मीर में 22 लोगों की मौत को याद करने के लिए इसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। 13 जुलाई, 1931 को, कश्मीर के महाराजा हरि सिंह के निकट प्रदर्शन करते हुए शाही सैनिकों द्वारा लोगों की हत्या कर दी गई थी।

17 नवंबर: इस दिन को ओडिशा में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसे लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने ब्रिटिश प्रभुत्व से भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

19 नवंबर: इस दिन को झांसी में शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 19 नवंबर को रानी लक्ष्मी बाई का जन्म हुआ था। जिन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अपने जीवन का बलिदान भी दिया था।

 

शहीद दिवस पर कविता और शायरी

एक दम ना कहना घर वालों से,

उलझाये रखना उनको सवालों से।

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आज मेरी लेखनी अदब से स्वयम् झुक गई,

कुछ लिखने से पहले कलप गई,

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देश के वीरों तुझको

करती हूँ हाथ जोड़ नमन

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हंसते-हंसते देश हित हो गए जो कुर्बान

सुखदेव-भगतसिंह-राजगुरु को शत् शत् प्रणाम।

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शहादत की लिखी अजब कहानी थी,

 मर मिटने को आतुर गजब जवानी थी।

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फौजी का पैगाम

फौजी का पैगाम अंकित राही द्वारा रचित कविता शहीद दिवस के उपलक्ष पर। एकदम न कहना घरवालों से, देश प्रेम से ओतप्रोत ये कविता आपको भावुक कर देगी।

फौजी का पैगाम

एकदम न कहना घरवालों से

उलझाए रखना उनको सवालों से

एकदम न कहना घरवालों से

उलझाए  रखना उनको सवालों से

लौट के वो आएगा शहीद वो कहलाएगा

न बुझाओ तुम पहेली

सच बताओ क्या मेरे लाल ने गोली है झेली

मैं हाल हाल-ए-दिल बतलाऊंगा

तिरंगे में लिपटा आपका लाल आएगा

धीरज रखो पापा जी शहीद वो कहलाएगा

मैं तो धीरज रखू पर मेरी पत्नी को कौन सहलाएगा

बहू का सिंदूर कौन लाएगा

बेटी का वीर कहां से आएगा

ए मेरे देश यह सिलसिला कब तक यूं ही नजर आएगा

धीरज रखो पापा जी शहीद वो कहलाएगा

कवि अंकित राही

कविता प्रतियोगिता प्रतिभागी

शहीद दिवस के उपलक्ष पर अंकित राही द्वारा रचित कविता “फौजी का पैगाम” देश प्रेम से ओतप्रोत ये कविता आपको भावुक कर देगी। comment करके हमें जरूर बताएं की आपको कविता कैसी लगी और हमारे कवि साथियों का मनोबल बढ़ाते रहें।

देश भक्ति शायरी।

देशभक्ति शायरी

देशभक्ति या राष्ट्रीय गौरव प्रेम, भक्ति की भावना और मातृभूमि के प्रति लगाव की भावना और अन्य नागरिकों के साथ जोड़ता है जो समान भावना साझा करते हैं। यह लगाव जातीय, सांस्कृतिक, राजनीतिक या ऐतिहासिक पहलुओं सहित, अपनी मातृभूमि से संबंधित कई अलग-अलग भावनाओं का संयोजन हो सकता है।

देश प्रेम  की इन कविताओं से आपका रोम रोम खिल उठेगा।

देशभक्ति शायरी और कविताएं अब हिंदी में भी उपलब्ध है आप सब के लिए वो भी सबसे अच्छी और नई।

 हिंदी शायरी, नई देशभक्ति शायरी, देशभक्ति स्टेटस, देश प्रेम शायरी, स्वतंत्रता दिवस की स्थिति, गणतंत्र दिवस शायरी स्टेटस, …

 

हैलो और hi सुनकर तो नहीं आती।

मगर जब कोई कहता है, जय हिन्द ।

ए हिन्द तेरी याद आती है।। 

की लौह दंड धन पे पटकते है एक बार । 

छोटी-छोटी मार बार-बार करते नहीं।

वीरता के तक्ष पक्ष तोपों के समक्ष दर ,

पीठ पीछे छुप के प्रहार करते नहीं । 

युद्ध लड़ते है, पूरी वीरता के साथ वीर । 

इंसानियत शर्मशार करते नहीं । 

वंशा जहे वीरों के दहाड़ते है कालजे से । 

पड़ी हुई लाश का शिकार करते नहीं।। 

तुम्हारे दिल मे रहता है जो, वो ही अरमान दिल मे है। 

मेरा मजहब कोई भी हो, दिल मे इंसान जींद है । 

अमीरी यह अदा की है , कलम दे कर मुझे रब ने। 

महोवब्त शायरी मे और हिंदोस्तान दिल मे है।। 

इन्ही के शोर्य से माँ भारती का मान जिंदा है। 

वतन की आन जिंदा है, वतन की शान जिंदा है। 

लगा कर जान की बाजी , खड़े जवान सरहद पर। 

इन्ही रणवांकुरों के धम पे हिंदोस्तान जिंदा है।।  

क्योंकि जिस वक्त जीना गैर मुमकिन सा लगे। 

उस वक्त जीना फर्ज है इंसान का । 

और है जरूरी लहरों के संग खेलना तब । 

जब हो समुन्द्र पर नशा तूफान का ।। 

प्राण दे दिए जिन्होंने, भारती की आरती मे। 

क्रांति आग्नि धधकाने वालों को ना भूलना ।

लडलों ने वक्त पर रक्त की आहुतियाँ दी ।

राष्ट्र धर्म यूं , निभाने वालों को न भूलना । 

फाँसिओं के फंदों पर गान बंदे मातरम,

बार-बार दोहराने वालों को न भूलना।

उत्सवों महोत्सवों को मनाएं किन्तु। 

छातियों पे गोली खाने वालों को न भूलना।।