Category प्रेम रस की कविताएं

प्रेम रस की कविताएं

हिन्दी कविता प्रेम

प्रेम

निर्दोषकुमार "विन" द्वारा रचित कविता "प्रेम",जी भर ना दीदार हुआ हैबेशक उसका मुद्दत से।लेकिन उसको चाहा है,मैने बड़ी ही शिद्दत से।।