ताकि आप एक परफेक्ट मर्द कहलाये जा सको।

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एक आदमी को कैसे व्यवहार करना चाहिए? इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे। हम आपको बताएँगे की, आपको आपकी बीबी के साथ, अपने काम पे, अपने घर पे और बाकि सब जगह कैसे रियेक्ट करना है? ताकि आप एक परफेक्ट मर्द काहलाये जा सको।

वो कौन कौन सी बातें है, जो आपको एक सख्त और सज्जन पुरुष बनाती है। ये सब बातें आप बड़े ध्यान से पढ़े और अपने जीवन में अपनाएं। क्योंकि इससे आपके आस पास के लोगों को लगने लगेगा की आप सच में असली मर्द हो।

समस्याएं कभी ख़त्म नहीं होती।

सबसे पहले तो ये सोचना छोड़ दो की जिंदगी में कभी समस्याएं ख़त्म होंगी । ज्यादातर मर्द ये सोचने लगते है कि एक दिन सब बदल जायेगा। में आज ज्यादा काम कर लेता हूँ तो कल जिंदगी आराम से कट जाएगी या उनकी बीबी उनको समझने लग जाएगी। उसकी शिकायतें बंद हो जाएँगी या एक दिन मेरे ऊपर कोई कर्ज नहीं होगा। ये मर्दों की सोच होती है। लेकिन असल में जिंदगी का सच ये है कि कुछ नहीं बदलने वाला है।

आज ये समस्याएं हैं तो कल दूसरी होंगी। जैसे जैसे आप जिंदगी में आगे बढ़ते जाओगे आपकी समस्याएं बड़ी होती जाएँगी और पहले वाली आपको छोटी लगने लगेंगी। इसलिए कल से उम्मीद लगाना छोड़ कर आज जीना शुरू करो।

अपने धम पे कुछ करो।

ऐसे जियो जैसे आपके पापा हैं ही नहीं। माफ़ कीजिये बुरा मत मानना, जकीनन हर किसी को अपने पापा से बहुत प्यार करना चाहिए। हर कोई चाहता है की उसके पापा उस पर गर्व महसूस करें। इसलिए हमारी सारी जिंदगी उन्हें दिखने दिखाने में ही निकल जाती है। हम कभी फ्री होकर नहीं सोच पाते।

अगर आपको एक बेहतर पुरुष बनना है। तो वो करो जो तुम्हे लगता है कि तुम कर सकते तुम में जो हुनर है वो दिखाओ। अब अगर आप कुछ कर लेते हो तो आपके पापा को भी और साथ में आपको भी ख़ुशी होगी। याद रखना अपने धम पर कुछ करोगे तो ही दुनिया जानेगी नहीं तो पापा के नाम से पहचाने जाओगे।

पापा को आप पे सबसे ज्यादा गर्व तब होगा, जब आपके पापा आपके नाम से पहचाने जाएँ। तो अपनी जिंदगी में एक बदलाव लाओ। अगर आप सारे फैसले अपने पापा से पूछ कर लोगे तो आपमें कभी भी फैसले लेने की क्षमता नहीं आएगी। अगर आप सारे फैसले खुद लोगे तो कुछ ग़लत भी होंगे। अगर ग़लत होंगे तो आपको सीखने को मिलेगा। ऐसे ही फैसले लेने की प्रतिभा सीखी जाती है।

किसी के लिए खुद को कभी मत बदलना।

लड़की को या किसी को भी impress करने के लिए खुद को कभी मत बदलना। अगर आपकी पत्नी या गर्ल फ्रेंड आपको कोई सलाह देती है। तो उनकी राय जरूर सुनिए और उसपे ध्यान भी देना की उसके पीछे का क्या तर्क है। हो सकता है उनकी दी गई राय सही हो आप अपना अगला कदम उनके हिसाब से भी उठा सकते हो। लेकिन सिर्फ किसी के कहने पर अपने नॉलेज और अनुभव पे doubt करने की कोई जरूरत नहीं है। आपको अगर वो सही लगती है, तो आप उसे मान सकते हो। लेकिन किसी को impress करने के लिए खुद को बदलने की कोशिश कभी मत करना। ये गलती आपके सम्बन्ध पे भारी पड़ सकती है। क्योंकि खुद को बदलने पर आप को खुद पे ही शंका होने लगेगी और ये सोच आपके प्यार को धीरे धीरे कब खत्म कर देगी आपको पता भी नहीं चलेगा।


लक्ष्य पर हमेशा ध्यान रखना।

अपने मकसद को हमेशा अपने सम्बधों से उपर रखो। कई लड़के ये गलती करते है। कि जब जिंदगी में कोई लड़की आती है तो वो बाकी सब कुछ भूल जाते है। अपना सारा समय उस लड़की में लगा देते हैं। ऐसा कर के आप खुद को और उस लड़की को भी धोखा देते हो क्योंकि अपने मकसद के बिना आप पूरे नहीं हो। और जब तक आप पूरे नहीं हो आप किसी को कैसे पूरा कर सकते हो। आपकी पत्नी या गर्ल फ्रेंड भी ये ही चाहती है कि आप आने लक्ष्य को उस से उपर रखो। लेकिन बताती नहीं है।


अपनी सीमाओं को तोड़ो।

comfert zone से धीरे धीरे बाहर आओ। एक बेहतर पुरुष वो ही है जो धीरे धीरे अपने comfort zone से बाहर आता रहे। एक आलसी आदमी जो अपनी रुकी हुई जिंदगी से खुश है वो कभी भी एक बेहतर इंसान नहीं बन सकता है। हां ये भी ध्यान देने वाली बात है कि बहादुरी और बेवकूफी में थोड़ा सा ही फर्क है। अपने डर से आगे बढ ना तो जरूरी है लेकिन बेवजह खतरा मोल लेकर अपने परिवार को और खुद को चिंता में डालना सही नहीं है। इसलिए अपना एक एक कदम आगे बढ़ाते रहो और अपने डर को ही अपना comfert zone बना लो।


लक्ष्य को ढूंढो

अगर आप अपनी जिंदगी के मकसद से अनजान हो तो ये ही सही समय है उसे दुंडने का। बिना मकसद के जिंदगी एक बिना कप्तान के जहाज की तरह है जो जहां वहां घूमती रहेगी लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंचती। नहीं तो उन्ही चीजों में उलझे रह जाओगे और धीरे धीरे खुद को कमजोर पर नपुंसक महसूस करने लगोगे। एक समय ऐसा आएगा जब इसका असर आपके रिश्तों पर भी पड़ने लगेगा।


परिवर्तन के लिए हमेशा तैयार रहो।

अपनी जिंदगी में कभी भी कुछ भी बदलने के लिए हमेशा तैयार रहो। एक मर्द को परिवर्तन के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। शुरुआत में तो कोई कुछ नहीं जानता, कि उसके आस पास क्या चल रहा है। लेकिन अपने मकसद और लक्ष्य के हिसाब से अपनी जिंदगी में बदलाव करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। क्योंकि बदलाव एक ऐसा सच है जो हर किसी की जिंदगी में आता है और अगर हम इसे खुशी से मान लें तो हमारे लिए अपने मकसद तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

परिवार और मकसद

अपने परिवार को एक excuse की तरह कभी इस्तेमाल मत करना। अगर कोई अपने मकसद के रास्ते से भटक गया है और excuse के तौर पर अपने परिवार का नाम लेता है, तो ये ग़लत है। ऐसा करके तुम खुद को कमजोर करते हो। आप खुद को अकेला कर देते हो और अपने परिवार के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे भी नहीं निभा पाते हो। ऐसा भी हो सकता है कि अपनी सारी भड़ास अपने परिवार पे निकालने लग जाओ। फिर धीरे धीरे परिवार भी आपसे दूर हो जाएगा। इसलिए अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ साथ अपने मकसद पे ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। परिवार और अपने मकसद का balance हमेशा बनाए रखना।


जिम्मेदारियों से डरो नहीं।

काम और जिम्मेदारियों में खो कर ना रह जाओ। चाहे आपकी जिंदगी का कोई भी लक्ष्य हो आपको बुलना नहीं है। अक्सर लोग काम और जिम्मदरियों के भोझ तले दब जाते है और अपनी जिंदगी के असली मकसद को भूल जाते है। इसके लिए कभी कभी अकेले बेठो ध्यान लगाओ और काम तथा जिम्मेदारियों से हट कर अपने मकसद के बारे में सोचो और आराम करो

एक नेता की तरह फैसले लो।

कभी किसी औरत को फैसले लेने के लिए जोर मत दो। अगर आप चाहते हो, कि आपकी पत्नी अपने सारे फैसले खुद ले अपनी जिम्मेदारी खुद उठाए । तो आप अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हो। औरत और मर्द को उपर वाले ने अलग बनाया है। एक मर्द की सोच clear होती है जबकि औरत थोड़ी भावुक होती है। इसलिए अगर आप अपने जीवन साथी की फैसले लेने में सहायता नहीं कर रहे हो तो धीरे धीरे उसे आपकी फैसले लेने की शक्ति और मर्दानगी पे शक होने लगेगा। वो खुद में ही अपना मर्द तलाश कर लेगी और अपने प्यार मै समर्पण करना छोड़ कर अपनी खुद की पहचान बना लेगी। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आप अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उसके लिए फैसले लो। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि उसके लिए फैसले लेते समय उसकी राय भी शामिल करो।

औरत को समझो।

एक औरत जो चाहती है वो आपसे कभी नहीं कहती। वो आपसे क्या चाहती है? वो बस इतना ही चाहती है कि आप उसके और उसके परिवार के लिए एक खुशियां से भरी जिंदगी दो। फिर वो चाहे आपको कुछ भी करने के लिए कहती रहे लेकिन आपको वो ही करना है जो सब के लिए सही हो। तभी आप अपनी पत्नी की इज्जत हासिल कर पाओगे।

कई बार तो वो इसलिए भी आपसे कुछ कहती है ये देखने के लिए कि आपकी इच्छा शक्ति कितनी तेज है और आप ये गलती के देते हो की उसे खुश करने के लिए उसकी बातें मानने लगते हो। तो वो आपसे खुश होने के बजाय और खफा रहने लगती है। और आप समझ ही नहीं पाओगे की उसे खुश कैसे करें।

आपका मकसद को हमेशा उपर रखो।

वो कभी भी आपकी पहली choice नहीं बनना चाहती। हां ये सच है वो कभी नहीं कहेगी कि वो आपकी जिंदगी की important person तो बनना चाहती है लेकिन वो आपकी पहली priority नहीं बनना चाहती। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप उसे पहले स्थान पर रखते हो तो आपकी खुशी उसके उपर निर्भर हो जाती है। और इस जिम्मेदारी के बोझ से वो एक आज़ाद जिंदगी नहीं जी पाती। उसे हमेशा ये चिंता रहेगी की कहीं आप उसी की वजह से दुखी ना हो जाओ। उसे बहुत खुशी होगी की आप उसे प्यार तो बहुत करो लेकिन आपकी पहली choice आपका मकसद हो आपका लक्ष्य हो। और आप उस मकसद के लिए कुछ भी छोड़ने को तैयार रहो। उसे भी।

वो आपको follow करना चाहती है ये महिलाओं का प्राकृतिक चरित्र है। तो अगर आप अपनी जिम्मेदारी उठाते हुए अपने और परिवार के लिए सही काम करते रहोगे तो आपका पूरा परिवार और बाकी सब पूरे विश्वास के साथ आपका साथ देंगे। चाहे वो मुद्दा पैसे का हो या भवनात्मक हो शुरुआत आपको ही करनी होगी। आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी बस अपनी गाड़ी को सही दिशा देने है।

अगर आप इस विषय पर और ज्यादा जानना चाहते हो तो The way of the superior man एक किताब है David Deida की इसमें बहुत साडी ऐसी बातें बताई गयी हैं जो आपको एक बेहतर पुरुष बनने में आपकी सहायता करेंगी।

david deida

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