मै सबसे बेहतर हूँ।

अगर आप सचमुच जिंदगी मे कामयाब होना चाहते है तो हर सुबह उठ कर अपने आप से ये 5 वाक्य जरूर कहें।

आज मेरा दिन है।

जब भी नींद से उठें तो आने वाले 24 घंटों को एक अवसर के रूप में देखें। ये जो अवसर आज आपको मिला है। हर किसी को नहीं मिलता है। बहुतों को मिलता है लेकिन इसका लाभ कोई-कोई ही उठा पाता है। जिंदगी में वो ही ज्यादा संतुष्ट है।

जो आज का लाभ आज ही उठा लेता है जिसके लिए हर दिन एक अवसर है। आज ही जागिए और शुरू हो जाईए आज आपका दिन है।

मै सबसे बेहतर हूँ।

कभी भी अपने आप की तुलना किसी दूसरे के साथ ना करें। तुम सिर्फ तुम हो, तुम कोई ओर नहीं हो सकते हो। प्रकृति ने तुम्हें उसकी जरूरत के हिसाब से तैयार किया है। तुम सुभाष चंद्र बोस नहीं हो सकते हो, ना ही तुम अक्षय कुमार हो सकते हो। तुम वो ही हो  जो तुम हो। हाँ तुम बेहतर बन सकते हो। तुम सुभाष चंद्र बोस से कुछ सिख सखते हो। तुम किसी से भी, कुछ भी सीख सकते हो।

प्रकृति ने तुम्हें जिस काम के लिए, जिस मकसद से बनाया है वो तुम्हें ही करना है उसे तुम से बेहतर कोई ओर नहीं कर सकता। अगर कोई ओर कर सकता तो तुम्हें नहीं बनाया जाता। इसलिए तुम सिर्फ तुम हो और बेहतर हो। इस जिम्मेदारी के लिए जब भी नींद से जागो, खुद को बेहतर महसूस करो ओर अपने कर्तव्य पथ पे आगे बड़ जाओ। 

मै ये कर सकता हूँ।

तुम जो भी सोचते हो चाहे सकारात्मक या नकारात्मक तुम सही होते हो। अगर तुम सोच लेते हो की ये काम आसान है तुम कर लोगे तो तुम सही सोच रहे हो तुम कर लोगे। अगर तुम सोच रहे हो की नहीं ये मुश्किल काम है तुम से नहीं होगा तुम तब भी सही सोच रहे हो, तुम से नहीं होगा। सारा खेल हमारी सोच का है। इंसान की सोच ताकतवर होनी चाहिए शरीर तो बस दिखावा है।

सुबह उठ कर उन सब कामों की सूची बनाएं जो आज के मुश्किल काम है। उनको समझे और अपने आप को तैयार करें उन्हे करने के लिए। अपने आप से बोलें की में ये कर सकता हूँ। याद रखना इंसान सिर्फ वो ही काम शिद्दत से करता है जिसको करने का वादा वो अपने आप से करता है।

भगवान हमेशा मेरे साथ हैं।

भगवान को किसी ने नहीं देखा है लेकिन विश्वास होना चाहिए। भगवान क्या इंसान भी आपका साथ तब ही देगा जब आप उस इंसान पे भरोसा रखोगे। तुम भी कोई काम तब ही कर पाओगे, जब तुम्हें खुद पे भरोसा होगा। तो वेसे ही भगवान पे भी भरोसा रखो की वो तुम्हारे साथ है।

तुम कोई भी काम कर रहे हो कोई और तुम्हारी सहायता करे ना करे, भगवान तुम्हारी सहायता जरूर करेंगे। बस ये विश्वास होना चाहिए कि वो तुम्हारे साथ है। तब ही तुम खुद का साथ दे पाओगे।

मैं विजेता हूँ।

किसी को हराकर कोई नहीं जीतता है। जीतता वही है जो सीखता है। आप किसी परीक्षा में असफल हो जाते हो तो कोई बात नहीं, अगर आप ने कुछ भी नया सिखा है तो आप विजेता हो। जैसे ही आप सीखना बंद करते हो तो उस वक्त से आप विजेता नहीं रहते हो। बूँद – बूँद से घड़ा भरता है और बूँद – बूँद टपकने से खाली हो जाता है। हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहें और अगर आज कुछ भी नया सिखा है तो खुद को विजेता समझें।

दोस्तों attitude बदलने से इंसान की जिंदगी अक्सर बदल जाया करती है। इसलिए अपने दिन की शुरुआत इन 5 वाक्यों से करें।

Body Language जिससे लोग आकर्षित होते हैं।

शारीरिक हाव भाव जिनसे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे।

दोस्तों आपका शरीर हर समय लोगों को संकेत भेजता है। कैसे आप अपनी आंखों को हिलाते हैं? हाथ हिलाते हैं ये सब ऐसी चीजें हैं। जो आपके शारीरिक हाव भाव मे आते हैं।  अगर आपके शरीर के हाव भाव बाकी लोगों से अच्छे होंगे तो जाहीर सी बात है आप लोगों से बेहतर बनोगे। इस लेख मे हम आपको बताएंगे कि कैसे आप लोगों को दोस्त बना सकते हो और कैसे उन्हे  प्रभावित कर सकते हो !

अपने हाथों को जोड़ कर रखें।

हाथों को जोड़ कर बात करना और बीच बीच मे इशारे से समझा ना बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास की छवि पेश करता है। यह आपको अधिक दिलचस्प और भरोसेमंद दिखाता है। यह अधिक औपचारिक वातावरण में सबसे अच्छा काम करता है, अपने से बड़ों से बात करते समय इसका उपयोग करें। आप ऐसा तब भी कर सकते हैं जब कोई व्यक्ति आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण बात कह रहा हो, क्योंकि यह आपको बहुत चौकस रहते हो और वक्ता को दिखाता है कि आप उन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हो।

बैठने और खड़े होने का आसन महत्वपूर्ण है।

आसन आपके बारे में लोगों की पहली धारणा को प्रभावित करता है। यही कारण है कि सकारात्मक आसन महत्वपूर्ण है जब यह लोगों को प्रभावित करने की बात आती है। पॉजिटिव आसन में सीधे खड़े होना है। सीधे बैठें और अपने कोर में कुछ तनाव रखें, लेकिन कठोर नहीं दिखेंगे। आपको अधिक पसंद करने के अलावा, यह आपको अधिक आत्मविश्वास का अनुभव भी कराएगा।

हाथ मिलाने में माहिर बनो।

आदर्श हैंडशेक दृढ़ है, फिर भी कोमल है। दृढ़ दबाव का उपयोग करें, लेकिन दूसरे व्यक्ति के हाथ को बहुत मुश्किल से निचोड़ें नहीं। जब आप हाथ मिलाते हैं तो आँख से संपर्क करें, नहीं तो दूर से देखने से अनादर या डरपोक रवैये का संकेत मिलता है। अंत में, जब शेक के दौरान किसी की आंखों में देख रहे हों, तो मुस्कुराएं जैसे कि आपने उनकी आंखों में कुछ देखा है जो आपको खुश कर रहा है।

सामने वाले का आसन नकल करें।  

दूसरे व्यक्ति के आसन को प्रतिबिंबित करना एक शक्तिशाली मनोवैज्ञानिक उपकरण है जो आपके बारे में उसकी राय को प्रभावित करेगा। बहुत गंभीर हुए बिना, चालाकी से नकल करें। अपनी बाहों को वैसे ही करें जैसे सामने वाले ने राखी हैं या तो उनके साथ अपने पेय का एक घूंट लें और जब ये करें तो बस मुस्कुराएं।

चुलबुलाहट बिल्कुल भी न करें।

ये दर्शाता है की आप असहज या बचकाने हो। गंभीर वार्तालाप के दौरान बहुत चंचल ना बने। ज्यादा इशारे करना आपको चिंतित और अति-उत्साहित दिखाता है। इसके बजाय, बस श्रोता पर ध्यान केंद्रित करें और उन्हें दिखाएं कि आप पूरी तरह से सुन रहें हैं कि क्या चल रहा है।

लोगों की तरफ घूमे और उन पर पूरा ध्यान दें।

लोग बहुत सचेत होते हैं कि आप उन पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। जब आप किसी नए से मिलते हैं, तो अपने शरीर को पूरी तरह से उनकी ओर मोड़ें और उन्हें अपना पूर्ण ध्यान दें, जिस तरह से आप एक बच्चे को देते हैं। यह उन्हें बताता है कि वे आपके लिए महत्वपूर्ण हैं और आप वास्तव में उनसे बात करने की परवाह करते हैं। संक्षेप में, यह उन्हें बहुत विशेष महसूस कराता है।

लोगों के प्रति जिज्ञासु बनें।

लोगों के समूह को संबोधित करते समय, आपको सभी व्यक्तियों की तरफ देखना चाहिए, भले ही कोई अपनी बात कर रहा हो। यदि आपका ध्यान उस व्यक्ति की ओर तब भी है जब वे सुन नहीं रहे हैं, तो आप दिखा रहे हैं कि आप उसकी प्रतिक्रियाओं में बहुत रुचि रखते हैं। हालाँकि, ऐसा बार-बार करने से विषय असहज हो सकता है। आपको लंबे समय तक उन्हें घूरना नहीं चाहिए।

बचपन के दोस्त की तरह व्यवहार करें।

किसी से भी मिलो चाहे पहली बार ही तो भी ऐसे मिलों जैसे कि वे आपके पुराने मित्र हैं। इससे लोग आपको जल्दी अपना लेते है। इसके अलावा आप खुशनुमा और दोस्ती करने वाले प्रतीत होते हो, और ऐसे लोगों को वास्तव मे पसंद किया जाता है।

आपके मुस्कुराने का तरीका।

किसी से जान पहचान करते समय ज्यादा बड़ी मुस्कान न दें। इससे दूसरों को लगता है कि आप  किसी से भी मिलकर ऐसे ही प्रतिक्रिया देते हो। आपको इसके बजाय क्या करना चाहिए: उनके चेहरे पर ध्यान केंद्रित करने के बाद एक सेकंड के लिए रुकें और फिर अपने चेहरे पर शांत और आकर्षित करने वाली मुस्कान दें। हालांकि इसमे लंबा समय लगता है, लेकिन  यह तकनीक लोगों को आश्वस्त करती है कि आप वास्तव में उनसे मिलकर खुश हैं।

ताकि आप एक परफेक्ट मर्द कहलाये जा सको।

एक आदमी को कैसे व्यवहार करना चाहिए? इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे। हम आपको बताएँगे की, आपको आपकी बीबी के साथ, अपने काम पे, अपने घर पे और बाकि सब जगह कैसे रियेक्ट करना है? ताकि आप एक परफेक्ट मर्द काहलाये जा सको।

वो कौन कौन सी बातें है, जो आपको एक सख्त और सज्जन पुरुष बनाती है। ये सब बातें आप बड़े ध्यान से पढ़े और अपने जीवन में अपनाएं। क्योंकि इससे आपके आस पास के लोगों को लगने लगेगा की आप सच में असली मर्द हो।

समस्याएं कभी ख़त्म नहीं होती।

सबसे पहले तो ये सोचना छोड़ दो की जिंदगी में कभी समस्याएं ख़त्म होंगी । ज्यादातर मर्द ये सोचने लगते है कि एक दिन सब बदल जायेगा। में आज ज्यादा काम कर लेता हूँ तो कल जिंदगी आराम से कट जाएगी या उनकी बीबी उनको समझने लग जाएगी। उसकी शिकायतें बंद हो जाएँगी या एक दिन मेरे ऊपर कोई कर्ज नहीं होगा। ये मर्दों की सोच होती है। लेकिन असल में जिंदगी का सच ये है कि कुछ नहीं बदलने वाला है।

आज ये समस्याएं हैं तो कल दूसरी होंगी। जैसे जैसे आप जिंदगी में आगे बढ़ते जाओगे आपकी समस्याएं बड़ी होती जाएँगी और पहले वाली आपको छोटी लगने लगेंगी। इसलिए कल से उम्मीद लगाना छोड़ कर आज जीना शुरू करो।

अपने धम पे कुछ करो।

ऐसे जियो जैसे आपके पापा हैं ही नहीं। माफ़ कीजिये बुरा मत मानना, जकीनन हर किसी को अपने पापा से बहुत प्यार करना चाहिए। हर कोई चाहता है की उसके पापा उस पर गर्व महसूस करें। इसलिए हमारी सारी जिंदगी उन्हें दिखने दिखाने में ही निकल जाती है। हम कभी फ्री होकर नहीं सोच पाते।

अगर आपको एक बेहतर पुरुष बनना है। तो वो करो जो तुम्हे लगता है कि तुम कर सकते तुम में जो हुनर है वो दिखाओ। अब अगर आप कुछ कर लेते हो तो आपके पापा को भी और साथ में आपको भी ख़ुशी होगी। याद रखना अपने धम पर कुछ करोगे तो ही दुनिया जानेगी नहीं तो पापा के नाम से पहचाने जाओगे।

पापा को आप पे सबसे ज्यादा गर्व तब होगा, जब आपके पापा आपके नाम से पहचाने जाएँ। तो अपनी जिंदगी में एक बदलाव लाओ। अगर आप सारे फैसले अपने पापा से पूछ कर लोगे तो आपमें कभी भी फैसले लेने की क्षमता नहीं आएगी। अगर आप सारे फैसले खुद लोगे तो कुछ ग़लत भी होंगे। अगर ग़लत होंगे तो आपको सीखने को मिलेगा। ऐसे ही फैसले लेने की प्रतिभा सीखी जाती है।

किसी के लिए खुद को कभी मत बदलना।

लड़की को या किसी को भी impress करने के लिए खुद को कभी मत बदलना। अगर आपकी पत्नी या गर्ल फ्रेंड आपको कोई सलाह देती है। तो उनकी राय जरूर सुनिए और उसपे ध्यान भी देना की उसके पीछे का क्या तर्क है। हो सकता है उनकी दी गई राय सही हो आप अपना अगला कदम उनके हिसाब से भी उठा सकते हो। लेकिन सिर्फ किसी के कहने पर अपने नॉलेज और अनुभव पे doubt करने की कोई जरूरत नहीं है। आपको अगर वो सही लगती है, तो आप उसे मान सकते हो। लेकिन किसी को impress करने के लिए खुद को बदलने की कोशिश कभी मत करना। ये गलती आपके सम्बन्ध पे भारी पड़ सकती है। क्योंकि खुद को बदलने पर आप को खुद पे ही शंका होने लगेगी और ये सोच आपके प्यार को धीरे धीरे कब खत्म कर देगी आपको पता भी नहीं चलेगा।


लक्ष्य पर हमेशा ध्यान रखना।

अपने मकसद को हमेशा अपने सम्बधों से उपर रखो। कई लड़के ये गलती करते है। कि जब जिंदगी में कोई लड़की आती है तो वो बाकी सब कुछ भूल जाते है। अपना सारा समय उस लड़की में लगा देते हैं। ऐसा कर के आप खुद को और उस लड़की को भी धोखा देते हो क्योंकि अपने मकसद के बिना आप पूरे नहीं हो। और जब तक आप पूरे नहीं हो आप किसी को कैसे पूरा कर सकते हो। आपकी पत्नी या गर्ल फ्रेंड भी ये ही चाहती है कि आप आने लक्ष्य को उस से उपर रखो। लेकिन बताती नहीं है।


अपनी सीमाओं को तोड़ो।

comfert zone से धीरे धीरे बाहर आओ। एक बेहतर पुरुष वो ही है जो धीरे धीरे अपने comfort zone से बाहर आता रहे। एक आलसी आदमी जो अपनी रुकी हुई जिंदगी से खुश है वो कभी भी एक बेहतर इंसान नहीं बन सकता है। हां ये भी ध्यान देने वाली बात है कि बहादुरी और बेवकूफी में थोड़ा सा ही फर्क है। अपने डर से आगे बढ ना तो जरूरी है लेकिन बेवजह खतरा मोल लेकर अपने परिवार को और खुद को चिंता में डालना सही नहीं है। इसलिए अपना एक एक कदम आगे बढ़ाते रहो और अपने डर को ही अपना comfert zone बना लो।


लक्ष्य को ढूंढो

अगर आप अपनी जिंदगी के मकसद से अनजान हो तो ये ही सही समय है उसे दुंडने का। बिना मकसद के जिंदगी एक बिना कप्तान के जहाज की तरह है जो जहां वहां घूमती रहेगी लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंचती। नहीं तो उन्ही चीजों में उलझे रह जाओगे और धीरे धीरे खुद को कमजोर पर नपुंसक महसूस करने लगोगे। एक समय ऐसा आएगा जब इसका असर आपके रिश्तों पर भी पड़ने लगेगा।


परिवर्तन के लिए हमेशा तैयार रहो।

अपनी जिंदगी में कभी भी कुछ भी बदलने के लिए हमेशा तैयार रहो। एक मर्द को परिवर्तन के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। शुरुआत में तो कोई कुछ नहीं जानता, कि उसके आस पास क्या चल रहा है। लेकिन अपने मकसद और लक्ष्य के हिसाब से अपनी जिंदगी में बदलाव करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। क्योंकि बदलाव एक ऐसा सच है जो हर किसी की जिंदगी में आता है और अगर हम इसे खुशी से मान लें तो हमारे लिए अपने मकसद तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

परिवार और मकसद

अपने परिवार को एक excuse की तरह कभी इस्तेमाल मत करना। अगर कोई अपने मकसद के रास्ते से भटक गया है और excuse के तौर पर अपने परिवार का नाम लेता है, तो ये ग़लत है। ऐसा करके तुम खुद को कमजोर करते हो। आप खुद को अकेला कर देते हो और अपने परिवार के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे भी नहीं निभा पाते हो। ऐसा भी हो सकता है कि अपनी सारी भड़ास अपने परिवार पे निकालने लग जाओ। फिर धीरे धीरे परिवार भी आपसे दूर हो जाएगा। इसलिए अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ साथ अपने मकसद पे ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। परिवार और अपने मकसद का balance हमेशा बनाए रखना।


जिम्मेदारियों से डरो नहीं।

काम और जिम्मेदारियों में खो कर ना रह जाओ। चाहे आपकी जिंदगी का कोई भी लक्ष्य हो आपको बुलना नहीं है। अक्सर लोग काम और जिम्मदरियों के भोझ तले दब जाते है और अपनी जिंदगी के असली मकसद को भूल जाते है। इसके लिए कभी कभी अकेले बेठो ध्यान लगाओ और काम तथा जिम्मेदारियों से हट कर अपने मकसद के बारे में सोचो और आराम करो

एक नेता की तरह फैसले लो।

कभी किसी औरत को फैसले लेने के लिए जोर मत दो। अगर आप चाहते हो, कि आपकी पत्नी अपने सारे फैसले खुद ले अपनी जिम्मेदारी खुद उठाए । तो आप अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हो। औरत और मर्द को उपर वाले ने अलग बनाया है। एक मर्द की सोच clear होती है जबकि औरत थोड़ी भावुक होती है। इसलिए अगर आप अपने जीवन साथी की फैसले लेने में सहायता नहीं कर रहे हो तो धीरे धीरे उसे आपकी फैसले लेने की शक्ति और मर्दानगी पे शक होने लगेगा। वो खुद में ही अपना मर्द तलाश कर लेगी और अपने प्यार मै समर्पण करना छोड़ कर अपनी खुद की पहचान बना लेगी। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आप अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उसके लिए फैसले लो। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि उसके लिए फैसले लेते समय उसकी राय भी शामिल करो।

औरत को समझो।

एक औरत जो चाहती है वो आपसे कभी नहीं कहती। वो आपसे क्या चाहती है? वो बस इतना ही चाहती है कि आप उसके और उसके परिवार के लिए एक खुशियां से भरी जिंदगी दो। फिर वो चाहे आपको कुछ भी करने के लिए कहती रहे लेकिन आपको वो ही करना है जो सब के लिए सही हो। तभी आप अपनी पत्नी की इज्जत हासिल कर पाओगे।

कई बार तो वो इसलिए भी आपसे कुछ कहती है ये देखने के लिए कि आपकी इच्छा शक्ति कितनी तेज है और आप ये गलती के देते हो की उसे खुश करने के लिए उसकी बातें मानने लगते हो। तो वो आपसे खुश होने के बजाय और खफा रहने लगती है। और आप समझ ही नहीं पाओगे की उसे खुश कैसे करें।

आपका मकसद को हमेशा उपर रखो।

वो कभी भी आपकी पहली choice नहीं बनना चाहती। हां ये सच है वो कभी नहीं कहेगी कि वो आपकी जिंदगी की important person तो बनना चाहती है लेकिन वो आपकी पहली priority नहीं बनना चाहती। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप उसे पहले स्थान पर रखते हो तो आपकी खुशी उसके उपर निर्भर हो जाती है। और इस जिम्मेदारी के बोझ से वो एक आज़ाद जिंदगी नहीं जी पाती। उसे हमेशा ये चिंता रहेगी की कहीं आप उसी की वजह से दुखी ना हो जाओ। उसे बहुत खुशी होगी की आप उसे प्यार तो बहुत करो लेकिन आपकी पहली choice आपका मकसद हो आपका लक्ष्य हो। और आप उस मकसद के लिए कुछ भी छोड़ने को तैयार रहो। उसे भी।

वो आपको follow करना चाहती है ये महिलाओं का प्राकृतिक चरित्र है। तो अगर आप अपनी जिम्मेदारी उठाते हुए अपने और परिवार के लिए सही काम करते रहोगे तो आपका पूरा परिवार और बाकी सब पूरे विश्वास के साथ आपका साथ देंगे। चाहे वो मुद्दा पैसे का हो या भवनात्मक हो शुरुआत आपको ही करनी होगी। आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी बस अपनी गाड़ी को सही दिशा देने है।

अगर आप इस विषय पर और ज्यादा जानना चाहते हो तो The way of the superior man एक किताब है David Deida की इसमें बहुत सारी ऐसी बातें बताई गयी हैं जो आपको एक बेहतर पुरुष बनने में आपकी सहायता करेंगी।

शर्म को कैसे छोड़ें?

अगर आपको बहुत सारे popular दोस्त बनाने है। तो इसके लिए उनके पास मत जाओ जिनके बारे में आप जानते हो की वो आपको reject कर देंगे। बल्कि उनके पास जाओ जो आपको आसानी से अपना लेंगे और फिर धीरे धीरे अपने दोस्त बड़ाओ। ये तरकीब आपका आत्मविश्वास भी बड़ा देगी और जीत ने कि क्षमता भी।


power of rejection

आपको पता है walt disney को उनके पहली animation के जॉब से निकाल दिया था। ये बोल कर की उनकी imagination उतनी अच्छी नहीं है। फिर उन्होंने अपना खुद का स्टूडियो खोला 1923 में जो दिवालिया है गया। फिर भी वो निराश नहीं हुए प्रपने भाई के साथ मिलकर एक ओर स्टूडियो खोला जो था Disney Bros. जो आज वर्ल्ड डिज़्नी कम्पनी के नाम से जाना जाता है।


पहले मैने आपको बताया था कि आपको पहले आसान लक्ष्य बनाने चाहिए। जिसमे faliur कम हो और success ज्यादा। लेकिन उस से भी ज्यादा फास्ट आप एक confidance इंसान बन सकते हो।

अगर आप रिजेक्शन से देने के बजाए उसे अपना लो तो। जिंदगी में रिजेक्शन आना साधारण सी बात है। आज नहीं तो कल आना ही है। लेकिन अगर आप उस से डरते रहोगे, उसे ग्रहण नहीं करोगे। तो कभी आगे नहीं बढ पाओगे।

सोचो अगर walt disney भी हार मानकर छोड़ देते सब कुछ तो आज हमारे पास मिकिमाउस ओर डोनाल्ड डक जैसे कार्टून चरित्र नहीं होते। इसलिए रिजेक्शन को सफलता कि पहली सीढ़ी बोला जाता है।

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दीपा मलिक की असाधारण कहानी, व्हील chair से।

Part time job

एक लड़का था राजू जिसकी height 5.11 फीट थी वो लंबा और हटा कटा था। परन्तु उस बहुत नर्वस और शर्म महसूस करता था। एक दिन उसके दोस्त का फोन आया। जो एक डिस्को का ऑनर था। उसने राजू को बताया कि उसका बाउंसर आज नहीं आया है, तो क्या वो एक दिन के लिए उसकी जगह आएगा। राजू मान गया और उस दिन के लिए बाउंसर बन गया। और अच्छी बात ये कि वो काम करते हुए उसे जरा भी शर्म नहीं आयी। क्योंकि तब लोग उसे एक बाउंसर की तरह देख रहे थे। फिर उसने कई बार बाउंसर बन के काम किया क्योंकि फिर उसे सहायता मिली अपनी शर्म को ख़तम करने में।


अन्दर के डर को जितना

जब इंसान शर्माता है तो उसका मुख्य कारण होता है, उसका डर। इस बात को लेकर, कि लोग उसे जज करेंगें उसकी निजी चीजों के लिए। इससे बचने का एक तरीका ये भी है कि एक part time नोकरी कर लो।

ऐसी नोकरी जिसमे ज्यादा आदमियों से आपको मिलना हो और बात करनी पड़े। आपको की ऐसे लोग दिखेंगे जो आज तो बिलिनियर है लेकिन उन्होंने कभी बहुत छोटे छोटे काम लिए है और उनसे सीखा है।


छोटी सोच मत रखो।

कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता है। बल्कि इसे काम शुरुआत में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बहुत अच्छे होते है। क्योंकि ऐसे छोटे कामों में कोई आपको आपकी सुंदरता या निजी चीज के लिए जज नहीं करेगा। जो कई बार शर्म का बहुत बड़ा कारण होता है।

आपने काम से प्यार करो। अगर एक कम्पनी का CEO भी अपने काम से नफ़रत करेगा तो उसे अच्छे से नहीं कर पाएगा। बल्कि एक माली भी अगर अपने काम को मन लगा के करेगा तो वो कई नई चीजें सीखेगा और अपने काम को अच्छे से करेगा।
हमेशा अपने काम की कीमत समझो ओर सकारात्मक सोचो।

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काम और कुशलता

आपने देखा होगा कक्षा में अच्छे नंबर लाने के बाद भी कुछ बच्चे रोते है। जबकि कुछ बच्चे सिर्फ पास होकर भी खुश होते है पार्टी करते है। अब ध्यान दिन वाली बात ये है। की जो लोग सिर्फ पास होते है वो ही लोग टॉप कॉलेजों के टॉपरों को अपनी कम्पनी में नौकरी देते है। इसका कारण है कि ऐसे लोगों का आत्मविश्वास ज्यादा होता है। वो अपने काम ओर मेहनत की कीमत समझते है। जो उन्हे रुकने नहीं देता जबकि शर्मीले लोग अपने काम और नाम को कम आंकते है। जिससे उनका आत्मविश्वास हमेशा कम रहता है।


इसलिए अपनी कीमत को समझो। ओर जो भी काम आप करते हो उसे अच्छे से और अच्छे से करने की कोशिश करो। ताकि लोग भी बोलें ये काम इतना अच्छा तो सिर्फ आप ही कर सकते हो और कोई नहीं। हमेशा नए नए कौशल सीखते रहो। ये आप में आत्मविश्वास जगाएगा।


लक्ष्य उन्मुख दृष्टिकोण

अगर आप बाहर कहीं जा रहे हो तो ये सोच कर जाओ की आप कम से कम 5 मिनट तक किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करोगे। अगर आप ने ये लक्ष्य प्राप्त कर लिया तभी अपनी मनपसंद dish खाओगे नहीं तो नहीं। ऐसे ही आप उपर दिए गए सभी तरीको को प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हो।

ये सब बातें मैने आपको एक किताब से बताई है जिसका नाम है Good bye to SHY आपको अगर और भी कुछ जानना है तो आप इस किताब को पढ सकते हो।

source:- GOOD BYE TO SHY BOOK

आकर्षक कैसे बने? आईए जानते है।

कुछ चुनिंदा बातें जो बहुत ही कम लोगों में पाई जाती है। कुछ ऐसी बातें जिन से आप बहुत ज्यादा आकर्षक लगते है। मतलब की कुछ ऐसा जो लोगो को आप से जोड़े रखे, और आप अंदर ही अंदर आत्मविश्वास से भरे रहो।

आत्मनिर्भर होना

असल में इस दुनिया के लोग दूसरों पर बहुत ही ज्यादा निर्भर है। आपने देखा होगा वो किसी सम्बन्ध में भी आएंगे तो उनका रिश्ता किसी एक तरफ से ही ज्यादा चल रहा होता है।


कई बार तो एग्जाम देने या कोई काम करने के लिए भी दूसरों के भरोसे पे ही जाते हैं। इससे ज्यादातर आखिर में हमारे हाथ आती है सिर्फ और सिर्फ निराशा। इसके उल्टा आप किसी ऐसे शख्स को देखो जो आत्म निर्भर हो जो अपने सब काम खुद करता हो तो उसे देख कर और उस से मिलकर हम काफी ज्यादा प्रभावित होते है। फिर हम वैसा ही कॉपी करने की सोचते है।


इसका मतलब आत्मनिर्भर होना बहुत है power full है। नहीं तो आप दूसरो को कॉपी करते रहोगे या उनके पीछे भागते रहोगे तो अपने सपनो के पीछे कब भागो के।

एक किस्सा

एक व्यक्ति था किस्मत का मारा। उसे मालूम था कि लाइफ में क्या करना है और क्या नहीं। परन्तु वो दूसरों पे ज्यादा निर्भर रहता था और दूसरों को ही ने follow करता था। जैसे ही उसे जिंदगी में कोई लड़की मिलती या दोस्त तो वो उनसे बहुत ही ज्यादा उम्मीदें लगा लेता कि यार अब तो बस और जिंदगी में क्या चाहिए। अब तो इन्हीं के साथ रहना है।


मगर इस से पहले भी उसे काफी लड़कियां छोड़ कर जा चुकी थी। वो उनके साथ घूमता फिरता और बातें share करता लेकिन उनके ऑफिस या और कहीं कोई ऐसा व्यक्ति उनकी जिंदगी में आ जाता जिससे इस व्यक्ति की जरूरत कम हो जाती। ऐसा होने से ये बहुत ज्यादा दुखी भी हुआ था।

इसके साथ बहुत बार ऐसा हुआ था। फिर एक दिन इसने एक जगह लिखा हुआ देखा,

बिल्ली के पीछे भागोगे तो वो और दूर भागेगी परंतु अगर अपने पास उसके दूध का इंतजाम कर दोगे तो वो खुद तुम्हारे पास आएगी।

तब उसके दिमाग में एक बात बैठ गई की, लोगों को प्रभावित करना बंद करके अपने काम से लोगों को चौंकना बहुत जरूरी है।

अब ये आदमी Engineering से था। इसने सब कुछ छोड़ा ओर लग गया अपने काम पर। नए ऑफिस में भी उसे कुछ ही दिनों में उपर का ओदा मिल गया था। और बाकी लोग अब भी वो ही काम कर रहे थे, वो वैसे ही जी रहे थे , जैसे ये आदमी पहले जी रहा था। यानी बॉस को या दूसरों को प्रभावित करने में लगे थे।

तो कहानी का ये ही उद्देश्य था कि पहले अपने सपनो को तब्जो देना शुरू करो। बाकी तो सब खुद होता जाएगा।


बेकार की बातों में वक्त जाया न करें।

इसको बाद आपको बिल्कुल भी बातचीत करना पसंद नहीं होगा। मतलब की मुझे लगता है कि गप्पे लड़ाना नासमझ लोगों का काम है। वो सिर्फ दूसरों को नीचा दिखाते है और उनमें कमियां निकालते है। जबकि समझदार लोग अपने सपनो पे विचार करते है और प्लान बनाते है। परन्तु किसी की कमियों को 10 लोगों में सुनाते नहीं है। तो ये बिंदु खुद में शामिल करना थोड़ा जरूरी है।


अपने काम से और खुद से प्यार करो।

इसके बाद आपको लोगों का ध्यान नहीं चाहिए होता है। मतलब वैसे ही आप लोगों के पीछे भागोगे तो वो आपसे और दूर जाएंगे। जबकि आपको खुद से प्यार होना चाहिए। तो आप ऐसे बन जाते हो जिन्हें दूसरों से फर्क नहीं पड़ता। आपके साथ 5 आदमी है या 500 परंतु आपको वो पसंद है, जो आप है। आप अपने काम को प्यार करते हो। ओर अपने काम से ही जाने जाते हो।


भावनाओं को काबू में रखें।

इस से आपको अपनी भावनाओं को काबू करना बहुत अच्छे से आता है। आप आपनी भावना को अपने हाथो मे रखते हो। अब देखो यार अगर आप किसी को बहुत ज्यादा ये बोलोगे की यार में तो आपके बिना रह ही नहीं सकता। सामने वाला फिर भी आपकी कीमत नहीं समझ रहा और आप फिर भी उसे मेसज, कॉल किए जा रहे हो तो इसमें नुकसान किसका है । जाहिर है आपका इस चीज में काफी बड़ा नुकसान है। क्योंकि आप अपनी भावनाओं को काबू नहीं कर पा रहे और जबदस्ती किसी रिश्ते को पकड़ने कि कोशिश कर रहे हो। जबकि रिश्ता निभाने की चीज है पकड़ने की नहीं।

अपने बारे में अच्छा महसूस करना आपको दूसरों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है। और जैसे ही आप अपने आप को प्यार करता हो, आपका जीवन और रिश्ते आसान और अधिक सहज हो जाते हैं ।आप अपना समय ये अनुमान लगाते हुए खर्च नहीं करते हो कि दूसरे आपके बारे में क्या सोच रहे हैं।

बेशक, हम किसी के लिए शारीरिक रूप से आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन हम उनके आत्मविश्वास, जुनून और व्यक्तित्व के प्रति अधिक आकर्षित होते हैं। आकर्षक होना सिर्फ दिखावे से ज्यादा है और वो कुछ भी हो सकता है आप कुछ लोगों के साथ
काम करने के लिए आकर्षित हो सकते हो।
– दोस्ती के लिए आकर्षित किया।
– विचारों से आकर्षित हो सकते हो।
– कॉफी की दुकानों के लिए आकर्षित हो सकते हो, क्योंकि हम उनके वाइब, उनके मेनू या उनके स्थान को पसंद करते हैं


आकर्षण एक अनिवार्य हिस्सा है। सकारात्मक रहें सजग रहें।


रास्ते में लूट लेती हैं ये दुनिया उन्हें,
जिन्हे खुद की कीमत का अंदाज़ा नहीं होता …!!

आदर्श पति कैसे बनें ?? 24 नुस्खे।

आपकी भूमिका केवल परिवार को चलाने से परे है। एक अच्छा पति बनने के लिए, आपको अपनी पत्नी और परिवार को खुश रखने की जरूरत है। ये ब्लोग आपको बताएगा कि आप कैसे ये सब कर सकोगे।

एक अच्छा पति बनने के लिए कुछ अलग करना होता है जो बहुत ही साधारण है जो आपको सीखना होगा। इसका मतलब अक्सर खुद को और अपनी पत्नी को पहले रखना होता है, जो कि बहुत से लोगों को आदत होती भी है। फिर यहाँ कुछ टिप्स दिए गए हैं जिनकी मदद से आप अपनी पत्नी के लिए एक अच्छे पति बन सकते हैं।

Good husband

कैसे बनें एक आदर्श पति


हर कोई लड़की एक बेहतर पति चाहती है और ये आपके लिए भी है, अगर आप एक अच्छी पत्नी चाहते है तो आपको खुद से शुरुआत करनी पड़ेगी खुद अच्छा बनना पड़ेगा। अगर आप वो पुरुष है जो अपनी पत्नी के लिए सबसे अच्छा पति बनना चाहता है, या अपनी पत्नी के लिए एक अच्छा पति बनने की ख्वाहिश रखते हो तो यह लेख आपके लिए है।


आपके अंदर क्या क्या खूबियाँ होनी चाहिए। आपको कौन सी बातों का ध्यान रखना होगा। ये सब हम आपको बताएँगे और हम जो आपको बताने जा रहे है ये सिर्फ आपके लिए है। तो ये बिलकुल भी न सोचें कि सिर्फ हम ही क्यों करें। पत्नियों की क्या कोई भूमिका नही? तो आपको बता दूूं, पत्नियों की अपनी एक अलग भूमिका है उनके लिए हमारे पास कुछ अलग टिप्स है। उसके लिए यहाँ click करें । आपको अपनी Ego को ख़त्म कर के नीचे दी गयी सब बातों को अपने जहन में उतारना होगा। तभी आपका वैवाहिक जीवन बहुत ही ख़ुशी से सफलता पूर्वक चलेगा, जो आपको ख़ुशी देगा और आपका परिवार भी खुश रहेगा।

एक नेता बनो


जब आप एक नेता होते हैं तो आप स्वचालित रूप से जानते हैं कि घर का प्रभार कैसे लेना है। चीजों और विचारों का एक स्वाभाविक प्रवाह है।

एक अच्छा नेता रास्ता जानता है, रास्ता दिखाता है। इस से आपकी पत्नी को आप पे विश्वास हो जाता है कि आप उसे किसी भी situation से बाहर निकाल लोगे। यही कारण है कि वो खुद को आपकी पत्नी के रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।

आप अपने बच्चों के लिए एक अच्छा रोल मॉडल भी है। लेकिन, याद रखें कि आप मालिक न बने।

एक अच्छा दोस्त बने।


एक शादीशुदा जोड़ा सिर्फ पुरुष और पत्नी से बहुत अधिक है। आप अच्छे दोस्त बने, क्योंकि दोस्ती सबसे अच्छा रिश्ता है किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए।

आप जीवन में साझीदार हैं, इसलिए सबसे अच्छा है कि आप अपने जीवन में कुछ महत्वपूर्ण होने पर, पहले अपनी पत्नी के पास जाने की आदत डालें।

जिस तरह से आप फोन लेने के लिए अपने दोस्त को रोमांचक घटना के बारे में सब बताते है उसी तरह आपकी पहली प्रवृत्ति अपनी पत्नी को बताना होनी चाहिए क्योंकि वह आपकी सबसे करीबी और सबसे प्यारी दोस्त है।


सुरक्षात्मक बनें।


कुछ पुरुष अनदेखा करते हैं अगर कोई और उनकी पत्नी का अपमान करता है। लेकिन आप अपनी पत्नी से प्यार करते हैं तो यह समय है कि आप उसे दिखाए। यदि कोई आपकी पत्नी का अपमान करता है, तो उसकी रक्षा करें।

आप अपनी पत्नी का समर्थन करें । ये बात सिर्फ आपकी पत्नी की ही नही है अगर किसी भी औरत का अपमान हो रहा है तो उसकी रक्षा करें।


आत्मनिर्भर


आपको आत्मनिर्भर बनना होगा । आपके पास इतनी काबलियत होनी चाहिए, की आप अपनी पत्नी और बच्चों का भरण पोषण अपने धम पे कर सको। ये आपके परिवार को और आपको सकून देगा।


वफ़ादार बने।

यदि आप अपनी पत्नी से प्यार करते हैं, तो उसके प्रति वफादार रहें। उसे कभी यह महसूस न कराएं कि आप उसके प्रति सच्चे नहीं हैं। अन्यथा यह उसके दिल को तोड़ देगा ।

खुद से भी प्यार करें।


इससे आप अपनी पत्नी को ज्यादा tension नही देंगे क्योंकि वो जानती हैं कि आप खुद का ख्याल रख सकते है। वह खुद से उतना ही प्यार करता है जितना वह मुझ से और परिवार से करता है। वह खुश और स्वस्थ रहने का प्रयास करता है। इससे आपकी पत्नी आपके बच्चों और परिवार में ज्यादा ध्यान दे सकेगी। जब आप घर से बाहर हो तो।


अपनी पत्नी को जाने।

Husband wife

हर पत्नी चाहती है कि आप उसको किसी और से बेहतर जाने। आपको पत्नी के पसंदीदा रंग, संगीत, भोजन, स्थान को जानना है।

आपको उनके दृष्टिकोण और उनके बारे में सब कुछ जानना है। आपको हमेशा पत्नी को जानने के लिए इच्छुक रहना चाहिए।



प्रशंसा करेें।


आपको धन्यवाद देना होगा। उन छोटी चीजों की भी सराहना करनी चाहिए। जो आपकी पत्नी आपके लिए करती हैं। उसके कारण, आप उनको सेवा करने और प्यार करने के लिए अधिक प्रेरित करते हैं क्योंकि वो जानती हैं कि उसके प्रयास व्यर्थ नहीं जाएंगे।


आत्म – संयम रखेें।


आपको आत्म-अनुशासन रखना चाहिए। जिससे नशा, आलस्य, वासना और अन्य दोषों से बचने के लिए खुद को नियंत्रित कर सको, जो आपके जीवन को दुख में डाल सकते है।


समझदार बनेें।


समझदार पति

आप को समझदार बनना पड़ेगा। जो कुछ कहते हो सोच समझ कर कहो। आपको अनुभव करना पड़ेगा। परिवार की खुशी को महसूस करना होगा। इस प्रकार आपको पत्नी और परिवार के दर्द को कम करने के लिए सब कुछ करना पड़ेगा।


पुरानी गलतियों को नजरअंदाज करें


इंसान गलतियों का पूतला है। गलतियां जाने अनजाने में सब से हो जाती है। अगर आप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक खुशहाल जीवन जीने के इच्छुक है तो क्षमा करना सीखें, भूल जाएं और आगे बढ़ें।

स्त्री और पुरुष सभी के अपने राज होते है। लेकिन सच्चा प्रेम अच्छे के साथ बुरे को भी स्वीकार करता है।

Talk husband wife

उसके बारे में सभी अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें और उन चीजों को अनदेखा करें जिन्हें आप पसंद नहीं करते हैं।

यदि यह ऐसा कुछ है जो वास्तव में आपको परेशान करता है, तो उससे इसके बारे में बात करें, और मिल कर हल निकालेें।


आदर करें।


एक अच्छा पति अपनी पत्नी और उसकी राय का सम्मान करता है। इस तथ्य को समझना, स्वीकार करना और उसका सम्मान करना कि आपकी पत्नी अभी भी आपसे अलग है।जिसके पास अलग-अलग विचार, सपने और राय थे।

वैवाहिक जीवन में महत्वपूर्ण है, आपको अपनी पत्नी की इच्छाओं और उसकी जरूरतों का सम्मान करना चाहिए। उसे अपने खुद के सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर न करें, लेकिन चीजों पर बात करें और देखें कि आप दोनों के लिए क्या काम करता है।


निःस्वर्थ होना पड़ेगा।


आप में त्याग की भावना होनी चाहिए। आपको पत्नी और बच्चों के बारे में खुद से पहले सोचना है।

आप केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए अपना पैसा, समय और ऊर्जा खर्च करनी होगी।


आशावादी बने।


आपको अपनी पत्नी के साथ हमेशा एक अच्छा भविष्य देखना है चाहे वह कितना भी मुश्किल क्यों न हो। आपकी पत्नी में कई कमजोरियां या कमियाँ हो सकती है इसके बावजूद आपको आसानी से उम्मीद नहीं खोनी है।

आप से आपके परिवार को हमेशा अच्छे और सकारात्मक विचार मिलने चाहिए । जो आपके घर और परिवार को अधिक खुश, अधिक आत्मविश्वास वाले होने में मदद करते हैं, चाहे जीवन कैसा भी हो।


शांति बनाये रखने की कोशिश करें।


जब आपकी पत्नी एक अच्छे mood में नहीं हैं तो आपको बहस नहीं करनी है। जब भी पत्नी को आपकी आवश्यकता हो आपको समय निकलना है । आपको मुददों को सुलझाने के लिए सही समय को खोजना हे और बात करनी है ताकि आप दोनों को रात में अच्छी नींद आ सके।


विनम्रता


आपको घमंडी नहीं होना होगा। एक अच्छा पति मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से एक मजबूत व्यक्ति होता है।

एक पति को चाहिए की वे अपने आसपास के लोगों के लिए दया, शांति और खुशी को प्रोत्साहित करने के लिए खर्च करे।


शारीरिक रूप से स्वस्थ और हिष्टपुष्ट रहें।

अधिकांश पुरुष शादी होने के बाद अपनी शारीरिक बनावट के बारे में परवाह नहीं करते हैं। वे एक-दूसरे के साथ बहुत सहज हो जाने के बाद अपने शरीर में किसी भी तरह का प्रयास करना बंद कर देते हैं।


जिस से आपका आकार अच्छा नही रहता और यह कभी-कभी वैवाहिक जीवन में रोमांस को मार देता है।

अपनी पत्नी के लिए अच्छा दिखने का प्रयास करें। वह इसकी सराहना करेगी क्योंकि वह जानती है कि आप उसके लिए प्रयास कर रहे हैं।


पत्नी की मान्यताओं का सम्मान करें।


यदि आप दोनों एक ही धार्मिक पृष्ठभूमि से हैं, तो उसके धार्मिक विश्वास को साझा करना आसान होगा, लेकिन यदि आप अलग-अलग पृष्ठभूमि से हैं, आपको अपनी पत्नी को कभी भी मूर्खतापूर्ण महसूस नहीं कराना चाहिए।

वह जिस पर विश्वास करती है, भले ही आप उस में विश्वास न करें पर अपनी पत्नी को बताएं कि आप उसकी मान्यताओं का सम्मान करते हैं।


पत्नी को प्यार दिखाओ।


कुछ पुरुषों के लिए अपने प्यार को उजागर करना और दिखाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ज्यादातर महिलाएं रोमांस को पसंद करती हैं और इसे तब पसंद करती हैं जब उनके पति उन पर अपना प्यार बरसाते हैं, इसलिए दिन में एक बार अपनी पत्नी के साथ रोमांटिक जरूर हों ।

उसे गले लगाएं, kiss करे और अपनी रोमांटिक भावनाओं को प्रकट कर अपने प्यार को दिखाएं। ये छोटी सी हरकतें उसके दिन को रोशन करेंगी।


पत्नी का समर्थन करें।


यदि आपकी पत्नी का कोई सपना है, जिसके लिए वो काम करना चाहती है। तो वह सब कुछ करें जिससे आप उसका समर्थन कर सकते हैं।

उसके सपनों पर हंसे बिलकुल भी नही क्योंकि वह उसके सपनो को तो तोड़ेगा, साथ में उसको नकारात्मकता की तरफ मोड़ देगा।

आप दुनिया में एक व्यक्ति हैं जिससे उसे समर्थन मिलने की सबसे ज्यादा उम्मीदें है। भले ही बाकी दुनिया सोचती हो कि वह मूर्ख है। तो भी उसके लिए खड़े हो जाओ। उसे विश्वास दिलाएं कि वह जो कुछ भी करना चाहती है, कर सकती है। वह आपसे और भी ज्यादा प्यार करेगी।


रोमांस

Romance

यदि आपकी शादी कुछ समय ही पहले हुई है, तो रोमांस के लिए समय निकालना आसान है। परन्तु धीरे धीरे इसमें कमी आने लगती है


एक बात का ध्यान रखना होगा की उसके पति के रूप में, जब रोमांस की बात आती है। तो आप अपना रोल अच्छे से निभाएं । इस समय को व्यर्थ न जाने दें।

उसे घूमने के लिए बाहर ले जाएं या उसे उसकी पसंद की भेंट दे कर आश्चर्यचकित करें और एक होटल में एक रोमांटिक रात या कुछ और भी अच्छा सोचें ।


अपनी पत्नी की देखभाल करें।


यदि आपकी पत्नी बीमार पड़ती है या आपको किसी चीज़ की देखभाल करने की ज़रूरत है, तो सुनिश्चित करें कि आप इसे अपने सर्वोत्तम प्रयास के साथ करें।

बीमारी और स्वास्थ्य के माध्यम से एक-दूसरे की देखभाल करना आपकी शादी की प्रतिज्ञा का हिस्सा है, तो किसी भी चीज को हल्के में न लें।

एक अच्छी पत्नी अपने पति की देखभाल करने के लिए कुछ भी करती है और उसी तरह एक अच्छे पति को अपनी पत्नी की जरूरतों की देखभाल करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।

निर्णयात्मक


एक अच्छा पति निर्णायक होता है। वह जानता है कि उसे क्या करना है। एक अच्छा पति अपनी पत्नी की राय को भी सुनता है और अपनी खुद की राय को भी महत्व देता है जिससे परिवार के लिए सही निर्णय लेता है।

उस प्रकार का आदमी न बनें जो निर्णय नहीं ले सकता क्योंकि उसके पास अच्छी गुणवत्ता नही होती।


अपने वादे पूरे करो।

Promise

आप अपनी पत्नी से जो भी वादा करते है उसे निभाएं भी जरूर इससे आप पर उसका विश्वास और गहरा होता जायेगा। उस से कभी झूठी दिलासा न दें। जो सच है उस से रूबरू करवाएं ताकि उसकी उम्मीदें न टूटें।



निजी जिन्दगी को कैसे रोमांचकारी बनाये।


सेक्स का वैवाहिक जीवन में बहुत महत्व होता है । इस मामले में हर किसी का अपना अपना अन्दाज और स्वाद होता है। ये एक बहुत ही खूबसूरत एहसास है इसे जितना अधिक हो सके यादगार बनाये ।

अलग अलग तरीके और जगह पे कोशिश करें जिससे इसकी excitment बनी रहे। आपके partner को क्या पसंद है क्या नही पसंद है , इस बारे में उससे बात करें आपको क्या पसंद है वो उसे बताये और फिर आप दोनो के लिए जो सबसे अच्छा है उसे प्रयोग में लाएं।

एक बात हमेशा याद रखें कि आपकी पत्नी वो शख्स है जिसने आप के परिवार को बनाने के लिए अपने माता, पिता, भाई, बहन सबको छोड़ दिया है। अब इस नए घर में उसे सब से ज्यादा आप से उमीदें है। आप को उसका हर तरह से ध्यान रखना है। जिससे आपका वैवाहिक जीवन अच्छे से ख़ुशी से व्यतीत हो।

Ayurveda दर्शन।

आयुर्वेद क्या है?

आयुर्वेदिक ज्ञान की उत्पत्ति 5,000 साल से अधिक समय पहले हुई थी और इसे अक्सर “सभी चिकित्साओं का जनक” कहा जाता है। यह प्राचीन वैदिक संस्कृति से उपजा है और कई वर्षों से मौखिक परंपरा में निपुण आचार्यों से लेकर उनके शिष्यों तक को पढ़ाया जाता रहा है।

पश्चिम में अब पहचाने जाने वाले कई प्राकृतिक उपचार प्रणालियों के सिद्धांत होम्योपैथी और पोलारिटी थेरेपी सहित आयुर्वेद में अपनी जड़ें जमा चुके हैं।

चरक संहिता


आयुर्वेद का अर्थ है जीवन विज्ञान। चरक परिभाषित करते है कि “विज्ञान को आयुर्वेद के रूप में नामित किया गया है जो लाभ और हानि के साथ-साथ जीवन में खुशी और दुख के साथ जीवन के लिए क्या अच्छा और बुरा है।


ये सभी जीवित चीजों, मानव और गैर मानव सब पे काम करता है। इसे 3 मुख्य शाखाओं में विभाजित किया गया है

आयुर्वेद की मुख्य शाखाएं


नरआयुर्वेद – मानव चिकित्सा से सम्बंधित।

सात्व आयुर्वेद – ये संबधित है, पशु जीवन और उनकी बीमारियों से।


वृक्षा आयुर्वेद – वनस्पति जीवन के साथ व्यवहार करना, और रोग का निवारण करना इत्यादि इसके अंतर्गत आता है।

स्वस्थ जीवन के आधार


आयुर्वेद न केवल चिकित्सा पद्धति है, बल्कि संपूर्ण सकारात्मक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक प्राप्ति के लिए जीवन का एक तरीका है। इसमें माना जाता ​​है कि सकारात्मक स्वास्थ्य जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के चार आधार है।

1. धर्म 2. अर्थ 3. काम 4. मोक्ष

यह केवल पोषण या जड़ी-बूटी के बारे में नहीं है इसमें निदान के लिए एक अनूठा उपकरण है। मानव संविधान को समझने का निदान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न है। प्रत्येक में एक अलग प्रणाली होती है।

जिस तरह हर किसी के पास एक अलग फिंगरप्रिंट होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास ऊर्जा का एक विशेष पैटर्न होता है – शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विशेषताओं का एक व्यक्तिगत संयोजन होता है। – जिसमें उनका अपना संविधान शामिल होता है। यह संविधान कई कारकों द्वारा गर्भाधान पर निर्धारित होता है और पूरे जीवन में एक जैसा रहता है।

शरीर के तीन सिद्धांत ऊर्जाओं को संतुलित करते है।

Ayurveda

आयुर्वेद तीन मूल प्रकार के ऊर्जा या कार्यात्मक सिद्धांतों की पहचान करता है। जो हर किसी और हर चीज में मौजूद हैं।जिन्हें वात, पित्त और कफ के नाम से जानते हैं।

ये सिद्धांत शरीर के मूल जीव विज्ञान से संबंधित हैं।


कुछ करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ताकि तरल पदार्थ और पोषक तत्व कोशिकाओं को मिलें, जिससे शरीर कार्य कर सके।

कोशिकाओं में पोषक तत्वों को metabolize करने के लिए भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। वात गति की ऊर्जा है, पित्त पाचन की और कपा जो स्नेह और संरचना की ऊर्जा है।

वात दोष


जो लोग आयुर्वेद का अभ्यास करते हैं उनका मानना ​​है कि यह, तीनों दोषों में सबसे शक्तिशाली है। यह बहुत अच्छे से शरीर के कार्यों को नियंत्रित करता है। जैसे कोशिकाएं कैसे विभाजित होती हैं। यह आपके आंतों के माध्यम से आपके दिमाग, श्वास, रक्त प्रवाह, दिल के कार्य और मल से छुटकारा पाने की क्षमता को भी नियंत्रित करता है।

चीजें जो इसे बाधित कर सकती हैं उनमें भोजन के तुरंत बाद फिर से खाना, भय, शोक और बहुत देर तक जगे रहना शामिल है।
यदि वात दोष आपका सही है, तो आपको चिंता, अस्थमा, हृदय रोग, त्वचा की समस्याओं जैसी स्थितियों से आप आसानी से निकल सकते है।


पित्त दोष


यह ऊर्जा आपके पाचन, metabolism , और कुछ हार्मोन को नियंत्रित करते हैं जो आपकी भूख से जुड़े होते हैं।

चीजें जो इसे बाधित कर सकती हैं। वे खट्टा या मसालेदार भोजन और धूप में बहुत समय बिताना ।


यदि यह आपकी मुख्य जीवन शक्ति है, तो आपको हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और संक्रमण जैसी स्थितियों से आसानी से बाहर निकल जाओगे।

कपा दोष


यह जीवन शक्ति मांसपेशियों की वृद्धि, शरीर की शक्ति और स्थिरता, वजन और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करती है।

आप दिन में सोते हुए, बहुत अधिक मीठे खाद्य पदार्थ खाने, और बहुत अधिक नमक या पानी वाली चीजें खाने या पीने से इसे बाधित कर सकते हैं।

अगर यह आपकी मुख्य जीवन ऊर्जा है, तो चिकित्सकों का मानना ​​है कि आप अस्थमा और श्वास संबंधी अन्य विकार, कैंसर, मधुमेह से बच सकते है।


भारत में लोग बांझपन से लेकर पाचन समस्याओं तक सभी प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए सहस्राब्दियों से आयुर्वेदिक परंपरा पर निर्भर हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, पूरक स्वास्थ्य प्रथाओं और प्राकृतिक विकल्पों के पुनरुत्थान पर जो काम हुआ है उसके लिए के लिए धन्यवाद, आयुर्वेद दुनिया भर में विस्तार करने में कामयाब रहा है।

आयुर्वेद द्वारा इलाज़ संभव है

Ayurveda

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर द्वारा प्रकाशित 2015 की एक रिपोर्ट के अनुसार, आयुर्वेदिक दवा सूजन, हार्मोनल, पाचन और प्रतिरक्षा विकारों का इलाज कर सकती है, जिसमें शामिल हैं:

  • अल्जाइमर रोग
  • चिंता या अवसाद
  • दमा
  • कैंसर
  • दाद
  • उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल


Ayurveda

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों, प्रथाओं, योग और ध्यान जैसी क्रियाओं से मुँहासे, कब्ज, पुरानी थकान, और मांसपेशियों में दर्द के लिए एक उत्कृष्ट उपाय साबित हुआ है।


चिकित्सा एक बहुत ही महान पेशा है और वैद्य प्राकृतिक, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों से अपने ज्ञान, अभ्यास और चिकित्सा की कला के कारण आम जनता के लिए भगवान का दूसरा रूप माने जाते हैं।

देश में दवा की अन्य प्रणाली के साथ तुलना / बिना किसी दुष्प्रभाव के पूर्ण इलाज प्रदान करता है। प्राचीन चिकित्सा विज्ञान में रुचि रखने वाले और बीमार लोगों से निपटने के लिए आयुर्वेद अभ्यास सबसे संतोषजनक कैरियर विकल्प में से एक है।

आयुर्वेद भारत की एक चिकित्सा पद्ति है हमे इसे आगे बढ़ाना है। योग और आयुर्वेद दो sister है। हमे इन पर काम करने से नही घबराना है । आखिर ये हमारी सभ्यता है, संस्कृति है। आयुवेद के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए कुछ किताबें है जो नीचे दी हुई है। आपको आयुर्वेद को समझना है तो इन किताबो का रुख करें ।

आयुर्वेद से सम्बंधित किताबें

Charm shinta

चरक संहिता आयुर्वेद का सबसे विस्तृत ग्रन्थ है।

Best book for ayurved

Ayurved and the mind

Best book for ayurved

आयुर्वेद मुक्तावली

जय हिंद जय भारत

गर्ववस्था की समस्याएं।

गर्वावस्था

हुर्रे, आप गर्भवती हैं ! जैसा कि आपके बच्चे के बारे में एक लाख रोमांचक सवाल आपके दिमाग में दौड़ना शुरू कर देते हैं। क्या हम अभी भी गर्भावस्था के दौरान सेक्स कर सकते हैं? और अगर ऐसा है … क्या “गर्भवती सेक्स” वास्तव में सही है?


क्या आप अभी भी अपनी पूरी गर्भावस्था में सेक्स करने में सक्षम है ?- और यदि हां, यहां आपको गर्भावस्था के सेक्स के बारे में जानने की आवश्यकता है। यहां उन सभी बातों के जवाब दिए जा रहे हैं। जिनके बारे में आप सोच रहे होंगे, और कुछ तो आपने नहीं भी सोचे होंगे।

गर्वावस्था के दौरान परेशान करने वाले सवाल।

क्या मैं गर्भवती होने के दौरान सेक्स कर सकती हूं?

गर्भवती सेक्स के लाभ?

क्या गर्भवती सेक्स से बच्चे को चोट लग सकती है?

जब आप गर्भवती हों तो सबसे अच्छा सेक्स पोजीशन क्या है?

मैं गर्भावस्था की सेक्स समस्याओं का सामना कैसे कर सकती हूं?

मेरे हार्मोन और मनोदशा में बदलाव से गर्भवती सेक्स कैसे प्रभावित होगा?

क्या मेरे गर्भवती होने पर मेरी सेक्स ड्राइव बढ़ेगी या घटेगी?

मैं गर्भवती महिला के बारे में अपने साथी की उम्मीदों को कैसे प्रबंधित कर सकती हूं?

प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाते समय ध्यान देने वाली बातें क्या है ?

क्या मैं गर्भवती होने के दौरान सेक्स कर सकती हूं?

हां, जब तक कि आपको किसी चिकित्सक द्वारा मना नही किया गया हो। तो आप गर्भवती होने पर निश्चित रूप से यौन संबंध रख सकते हैं। और अगर आप इसके लिए तैयार हैं, तो गर्भवती सेक्स के लिए बहुत सारे सकारात्मक फायदे भी हैं।
गर्भावस्था के सेक्स के बहुत सारे लाभ हैं, जिनमें शामिल हैं:

1 बॉन्डिंग में मदद करता है

अपने साथी से जुड़े रहने के लिए गर्भवती सेक्स एक मजेदार और महत्वपूर्ण तरीका है।

2 गर्भावस्था के लक्षण जैसे दर्द

गर्भवती सेक्स गर्भावस्था के साथ आने वाले पीठ दर्द और अन्य दर्द को दूर करने में मदद कर सकता है।

3 नींद में सुधार

गर्भावस्था सेक्स आपको आराम करने में मदद करता है। इसमें हार्मोन पैदा होते है जो आपको बेहतर नींद में मदद कर सकते है।

4 मूड बदलता है

सेक्स एक सिद्ध मूड बूस्टर है, और गर्भवती सेक्स कोई अपवाद नहीं है।

5 Palvic मांसपेशियों को एक कसरत देता है

गर्भावस्था में सेक्स आपके पेल्विक फ्लोर को टोन करने में मदद कर सकता है। जो श्रम और प्रसव के दौरान और बच्चे के आने के बाद चीजों को अधिक सुचारू रूप से चलाने में मदद कर सकता है।

क्या गर्भवती सेक्स से बच्चे को चोट लग सकती है?

नहीं। अधिकांश महिलाओं के लिए, गर्भावस्था के दौरान सेक्स पूरी तरह से सुरक्षित है और गर्भवती सेक्स आपके बच्चे को चोट नहीं पहुंचाता है।

हालाँकि गर्भवती होने पर कुछ चिकित्सक सेक्स नही करने की सलाह तब देते है, जब आपको सेक्स से योनि में खून बहता हो या गर्भपात का इतिहास हो।

यदि आपको गर्भावस्था सेक्स से बचने की आवश्यकता है, तो आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता आपको बताएगा।

गर्भवती होने के दौरान सबसे अच्छे सेक्स पोजीशन क्या हैं?

  • साइड लाइंग
  • शीर्ष पर महिला
  • बिस्तर के किनारे
  • कोई भी अन्य स्थान जहाँ आपका साथी आपके पेट के चारों ओर पैंतरेबाज़ी नहीं करता है।


मैं गर्भावस्था की सेक्स समस्याओं का सामना कैसे कर सकती हूं?


हो सकता है कि आपके बढ़ते आकार एक बदली हुई शरीर की छवि के साथ मतली, निविदा स्तन और थकान जैसे गर्भावस्था के लक्षण, कभी-कभी आपके मूड (और गर्भवती सेक्स पर) को नुकसान पहुंचा सकते हैं।


अच्छी खबर यह है कि अधिकांश गर्भावस्था सेक्स समस्याओं का एक समाधान हो सकता है।

उदाहरण के लिए, आप दिन के किसी ऐसे समय में सेक्स कर सकते हैं जब आपको थकावट या बेचैनी महसूस होने की संभावना कम हो। या आप अपने साथी को कुछ अलग करने की कोशिश करने के लिए कह सकते हैं यदि कुछ चीजें अब सहज नहीं हैं तो।

मेरे हार्मोन और मनोदशा परिवर्तन गर्भवती सेक्स को कैसे प्रभावित करेंगे?


जैसा कि आप शायद पहले से ही समझ चुके हैं, आपकी मनोदशा यह महसूस कर सकती है कि वे गर्भावस्था के दौरान सभी जगह पर हैं। मतलब की आपका मन चंचल हो जायेगा। ये एस्ट्रोजेन हार्मोन के बढ़ने की बजह से हो सकता है। लेकिन इसमें और भी बहुत कुछ है।

बच्चा होना एक भावनात्मक प्रक्रिया है! कभी-कभी आप ऐसा महसूस करते हैं कि आप दुनिया के शीर्ष पर हैं, और अन्य समय में आपको चिंता भी हो सकती है। और आप कुछ ही मिनटों में एक चरम से दूसरे तक जा सकते हैं।

क्या मेरे गर्भवती होने पर मेरी सेक्स ड्राइव बढ़ जाएगी?

इस तरह की गर्भावस्था के उच्च और चढ़ाव पूरी तरह से सामान्य हैं, लेकिन जैसा कि आप अनुमान लगा सकते हैं, यह निश्चित रूप से आपके यौन जीवन पर प्रभाव डाल सकता है।

परन्तु करने के लिए सबसे अच्छी बात ये है। प्रवाह के साथ जाओ। जब आप मूड में हों तब सेक्स करें। लेकिन यह जान लें कि जब आप इसे महसूस नहीं कर रहे हैं, तो यह पूरी तरह से सामान्य है।


ये हो सकता है! आप पहले से कहीं ज्यादा कामुक महसूस कर रहे हो। एस्ट्रोजन का उच्च स्तर आपके गर्भावस्था के सेक्स ड्राइव को बडा सकता है। कभी-कभी आप बहुत horny महसूस कर सकते हैं।

ये सब आपके शरीर के अंदर होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण ही होगा । अतिरिक्त बोनस के रूप में, आपके होंठ और स्तनों को अतिरिक्त रक्त प्रवाह की बजह से अधिक संवेदनशील हो सकता है। जो इसे सामान्य से भी बेहतर महसूस करा सकता है। सेक्स ड्राइव में यह नाटकीय वृद्धि बिल्कुल सामान्य है।

क्या मेरे गर्भवती होने पर मेरी सेक्स ड्राइव घट जाएगी?


हां, ऐसा जरूर हो सकता है। जब आप उलटी या थकान जैसे शारीरिक लक्षणों से निपट रहे हों, तो आपके दिमाग में प्रेग्नेंसी सेक्स आखिरी बात हो सकती है। और आपके पास कुछ दिन हो सकते हैं जहां आपका गर्भवती शरीर सुंदर से अधिक फूला हुआ महसूस करें । यह एक सामान्य दुष्प्रभाव भी है।


अच्छी खबर यह है कि भले ही आप अपनी सेक्स ड्राइव में गिरावट का अनुभव करते हैं। आप शायद जल्द ही किसी बिंदु पर अपने आप को गर्भावस्था में सेक्स के मूड में पाएंगे। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं भी होता हैं, तो भी ठीक है।

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने साथी से जुड़ाव महसूस करते रहें। आप मित्रता वाली चुंबन या बस बात करने के लिए समय निकालें उन से सब कुछ Share करें।

मैं गर्भवती महिला के बारे में अपने साथी की उम्मीदों को कैसे प्रबंधित कर सकती हूं?

गर्भावस्था में सेक्स करने के दौरान आप महसूस करने की कोशिश करें कि आप कैसा महसूस कर रही हैं।जहां आप शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से खड़े होते है तब अपने साथी से बात करने की आदत डालें।


यहाँ गर्भवती सेक्स को संतुष्ट करने के लिए कुछ अन्य टिप्स दिए गए हैं:


अपने शरीर को सुनो। शारीर के बदलावों पर ध्यान दें। जैसे-जैसे आपका पेट बड़ा होता है, आपको अलग-अलग सेक्स पोजीशन तलाशने की आवश्यकता हो सकती है।

अगर कुछ सही नहीं लगता है, तो बंद करो और जो भी सहज हो वह करो। जब आप मूड में हों तब सेक्स करें, और जब आप नहीं हों तब अपने साथी से जुड़ने के अन्य तरीके खोजें।


नोट – आपकी गंध आपके साथी को दूर रख सकती है

यदि आपके साथी का कहना है कि बदबू आ रही है, तो बुरा न माने। गर्भावस्था के दौरान आप बहुत सारे हार्मोनल बदलावों से गुजरती हैं। कुछ अवसरों पर यह बदबूदार हो सकता है जो आपके साथी को पसंद नहीं हो सकता है। लेकिन यह जल्दी से दूर हो जाता है और इसलिए आप इसे एक गुजरे चरण के रूप में मान सकते हैं।

याद रखें, आप जो बेडरूम में कर रहे हैं । वह आपके और आपके साथी के लिए काम कर रहा है, वो बहुत कुछ भी हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करना अपने साथी के करीब महसूस करने का एक अच्छा तरीका है, और यदि आपके जहन में कोई प्रश्न या चिंता हैं। तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से पूछने में संकोच न करें। वह आपके दिमाग को आराम से सेट कर सकता है।

ताकि आप बिना किसी चिंता के महान गर्भवती सेक्स कर सकें।

प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाते समय ध्यान देने वाली बातें –

1 अगर प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाते हैं तो किसी भी तरह की ब्लीडिंग यानी कि रक्त स्राव होता है तो सावधान हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

2 यदि पार्टनर किसी यौन संचारित रोग से ग्रस्त है तो ऐसे में प्रेग्नेंसी में संबंध बनाने से बचना चाहिए।

3 प्रेग्नेंसी में अगर महिला को घबराहट की समस्या है तो ऐसे में संबंध ना ही बनाएं। ऐसे में गर्भपात का खतरा बना रहता है।

4 प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि महिला के पेट पर ज्यादा दबाव न पड़े। इससे महिला को समस्या हो सकती है और गर्भस्थ शिशु भी बहुत महसूस कर सकता है।

5 प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाते समय सेक्स बहुत अधिक तेजी से नहीं होना चाहिए। इससे महिला के गर्भाशय को नुकसान पहुंच सकता है जिससे गर्भस्थ शिशु को भी परेशानी हो सकती है।

6 अगर प्रेग्नेंसी में महिला का गर्भाशय शिशु का भार बढ़ने से कठिनाई महसूस कर रहा हो तो ऐसे में संबंध बनाने के लिए बहुत खास ध्यान रखना पड़ता है। ” जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श जरूर लेना चाहिए।

मनोवैज्ञानिक तरीके to manipulate People

इन Tricks से हम समझ पाएंगे कि कई बार हमारा दिमाग अपने और दूसरों के व्यवहार को logical तरीके से समझने लगता है। हमारी हर movement, Decision या speech के पीछे हमेशा कुछ न कुछ logic जरूर होता है। आज ऐसे ही कुछ ट्रिक्स हम आपको बताने जा रहे है जिनको आप ने कभी न कभी महसूस तो किया होगा पर ध्यान नही दिया होगा। तो आइये लोगो को थोड़ा logically समझते है।


Use the mirror as Ethical Guide(शीशे का एक नैतिक मार्गदर्शक के रूप में प्रयोग)


अगर आपकी कोई ऐसी जॉब है। यहाँ पर आप को काफी सारे लोगों से बात करनी पड़ती है। तो आप अपनी कुर्सी के पीछे एक शीशा लगा सकते है।ऐसा करने पर जो भी इंसान आप से बात करने आएगा । वो ज्यादा शांत और विनम्र व्यवहार करेगा।

Psychologist मानते है कि जब भी हम अपने को शीशे में देखते है तो हम self consious हो जाते है। हमे अपने आप को गुस्से में या चिड़चिड़ा देखना पसंद नही होता । हम अपनी परछाई को देख कर थोड़ा सभ्य हो जाते है।


Say their Name (नाम से पुकारो)


आप ने सुना होगा किसी से भी बात करते समय जब हम उनका नाम लेते है, तो उन्हें अच्छा लगता है। एक research में पता चला था जब भी हम अपना नाम सुनते है। तब हमारे दिमाग में ध्यान देने वाले और यादें बनाने वाले बिंदु Active हो जाते है। और हमारा नाम लेने वाला इंसान हमारे लिए important बन जाता है और हम उसे जल्दी बुलाते नही है।

तो जब भी किसी से पहली बार मिलो तो बात करते हुए उसका नाम जरूर लो। इससे वो आपकी बात अच्छे से सुनेगा और आपको पसंद भी करेगा।


Use Pygmalion Effect


Greek कार्यप्रणाली में एक चित्रकार की कहानी है। जिसका नाम था पिग्मेलियन। वो हाथी के दाँत से बना एक बड़ा सा टुकडा लेता है और उसे ट्रैश कर एक खूबसूरत महिला की तस्वीर बना देता है।

वो इतनी अच्छी थी कि उसे उस मूर्ति से प्यार हो जाता है। तो उसने अपने भगवान से प्रार्थना की, कि उसे एक वै ही महिला चाहिए शादी के लिए। उसके बाद वो घर गया उसने मूर्ति को kiss किया तो Surprisingly उसमे जान आ गयी। यह कहानी बताती है कि कैसे हमारी उम्मीदे खुद को सच बना लेती है। पिग्मेलियन को जो चाहिए था। उसने उसका blue print तैयार की और उसे वो मिल गया।

psychologist मानते है कि ये चीज हमेशा काम करती है । जैसे एक study से पता चला की जिन बच्चों को school में बताया जाता है कि वो स्मार्ट है, inteligent है, वो बाकियों से ज्यादा वेहतर परिणाम लाते है। तो जब भी किसी से मिलो तो उन्हें सकारात्मक स्तर दो।


Use surprising request (अजीव सी विनती करें)


हम जब किसी से अजीव सा या थौडा असाधारण सी विनती करते है। तो उस से वो हम में ज्यादा दिलचस्वी लेते है। इसका मतलव सब से हट के प्रश्न पूछना हमारी alertness को बढ़ाता है। इसलिए हमें अपनी uniqeness सबको दिखानी चाहिए।


Not to get the answer


जब आपको किसी से पक्का उतर चाहिए। तो कोशिश करो, आप प्रश्न पूछते समय या विनती करते समय अपना सर हिलाते रहें।

हाँ हाँ ये trick आपको Restaurant में देखने को मिलेगी। वेटर आपके पास आता है और पूछते हुए सर हिलाने लगता है। इसमें ग्राहक को बोलते रहने का दबाव महसूस होता है, और ऐसे Restaurant ज्यादा खाना बेच पाते है।


Show Dissatisfaction (असन्तोष ज़ाहिर करना)


अगर आप कोई सौदा कर रहे हो और आपको एक ठीक ठाक सौदा मिल भी गया है। पर आपको लगता है कि ओर अच्छा सौदा भी हो सकता है तो आपको बिना कुछ बोले असन्तोष ज़ाहिर करना है।

अगर आप बैठें हो तो आप अपनी बाजु cross कर ले। या पीछे हो कर असन्तोष ज़ाहिर क्र सकते है। और अगर खड़े हैं तो कुछ देर चुप रह कर इंतजार कर सकते है।


Make Others to repeat their joke (उनको joke दोहराने दें।)


अगर कोई इंसान आपके ऊपर joke मार रहा है। तो आप ऐसे व्यवहार करें जैसे आपने joke ढंग से सुना नही और उन्हें joke दोहराने के लिए बोले क्योंकी ज्यादातर joke अपना fun element खो देते है जब उन्हें दोबारा बोलना पड़ता है।

इसके अलावा हम उन्हें ये भी बोल सकते हे की वो joke को समझाए, इसमें क्या funny था। तो जाहिर है वो joke, joke नही रहता जिसे समझाना पड़े।


Use word because ( क्यों शव्द का उपयोग करें।)


अगर हम किसी से अपनी बात मनवाना चाहते है तो अपनी विनती में या विचार में क्यों शव्द जोड़ देने से सुनने वाले को reasoning मिल जाती है की वो हमारी बात क्यों माने।

एक Experiment में लोगों को 3 group में बांटा गया। जिन्हें Xerox मशीन से फोटो कॉपी करनी थी। पहले group को बोलना था। कि मुझे 5 पेज की फोटो कॉपी चाहिए। दूसरे group को बोलना था, क्या में Xerox मशीन का प्रयोग कर सकता हूँ ? क्योंकि में जल्दी में हूं। तीसरे group को काफी बेबकूफी वाला बहाना बोलना था, कि क्या में Xerox मशी का प्रयोग कर सकता हूं ?क्योंकि मुझे कॉपी निकालनी है। तो चोंकाने वाली बात ये हुई की बेबकूफी वाला बहाना भी कम कर गया और 93 प्रतिशत लोगों ने क्योंकि बोलने वालों को मशीन का प्रयोग करने दिया। इसका मतलब अगर आप क्यों का प्रयोग करो तो सकारात्मक प्रतिक्रिया आने के ज्यादा संयोग है।

तो क्या आप भी कोई logical Trick का प्रयोग करते है तो messege कर के हमे बताये जरूर हमारे पाठको को इस से ज्यादा लाभ मिलेगा। और अगर नही करते हो प्रयोग तो अब से शुरू कर दीजिए आपको ज्यादा बेहतर परिणाम मिलेंगे जिससे आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। तो ऐसे ही हमारे blog Thriving Boost में आते रहे और अपना ज्ञान बढ़ाते रहे और हमारा भी ज्ञान बढाएं । Thriving Boost आपके चरित्र को निखारने के लिए प्रतिवद है।
जय हिंद । जय भारत।।

तनाव मुक्त जिंदगी जीने के 15 तरीके।

इस तथ्य के बावजूद कि तनाव का हमारे जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फिर भी हम स्वीकार करते हैं , कि यह एक मानसिक विकार हो सकता है। तनावपूर्ण जीवन जीने से हमारी कार्यक्षमता में बाधा आती है।स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की हमारी क्षमता कम होती है। तनावग्रस्त होने के कारण, आप अधिक बार बीमार पड़ सकते हैं, क्रोधी महसूस कर सकते हैं और यहां तक कि चिढ़ भी सकते हैं। तो आइये जानते है एक तनाव मुक्त जिंदगी कैसे जी जाये।

तनाव मुक्त जिंदगी का रहस्य

1 व्यायाम करें और तनाव भगाएँ :

बचपन से हम सुनते आ रहे है की हमें रोजाना व्यायाम करना चाहिए । पर हम कभी भी इस बात को सीरियसली नहीं लेते। हम व्यायाम करने में आलस करते है। लेकिन व्यायाम हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

व्यायाम के समय और बाद में हमारे शरीर की कसरत होती है और उसे आराम भी मिलता है। जिस से हमें नींद लेने में आसानी होती है, और हमारा मूड भी अच्छा रहता है। इसलिए रोज व्यायाम जरुर करे। सुबह की सैर भी बहुत फायदेमंद है।


2 दोस्तों से बात करे :

आपको जब कभी भी लगता है की आप तनाव में है। तो दोस्तों की सहायता लें। । आप अपने दोस्तों से मिले या उनसे फ़ोन पर बात कर सकते है। अपने मित्र से जब आपकी बात होगी थोड़ा हंसी मजाक होगा तो आपका तनाव इससे कम हो जायेगा।

दोस्तों के सुख – दुःख भरी बातें सुनकर आपको जरुर तनाव से राहत मिलेगी। आपकी जिंदगी में 3,4 लोग जरूर ऐसे होने चाहिए जिनसे आप अपने दिल की बात सांझी कर सको।

3 अगर कार्य शुरू किया है तो खत्म भी करो :


हर काम को पूरा करने की कोशिश करो। आपका उत्साह बढेगा। किसी भी काम को अधूरा छोड़ना आपके आत्मविश्वास को कम करता है। और काम को पूरा करने की प्रवृति आपकी कीर्ति और यश दोनों बढ़ाएगी। आप तनाव मुक्त होंगे।

4 अगर तुम सक्षम नही हो तो दूसरों की सहायता लो :


कोई भी हर कार्य में निपुण नही होता है । तो जो कार्य आपके बस में नही है तो जबर्दस्ती न करें। दुसरो की सहायता लें इस से आपका साम्मान काम नही होगा वल्कि आपके संबध अच्छे बनेगे। और आपका कार्य की अच्छे से पूर्ण होगा।

5 उधार को हमेशा चुकता करो :

आपके द्वारा उधार ली गयी बस्तु आपको समय पर खुद बापिस करनी चाहिए । किसी दूसरे की वस्तु उसकी आज्ञा के बिना प्रयोग न करें। इससे आपका विश्वास बना रहेगा । और आपकी छवि भी अच्छी बनेगी। आपकी इज्जत भी होगी। और आप तनाव में भी नही रहोगे।


6 किये हुए वादे से न मूकरें :

रिश्तों में प्रतिबद्धताएं होती है और वफादारी आज के समाज में एक दुर्लभ वस्तु है। अगर आप अपने वायदे को निभाते है तो ये आपको ख़ुशी देगा आपका आत्मसमान बढेगा और तनाव आप से दूर होगा।


शायद सबसे प्रभावशाली चीजों में से एक, जिसे हम किसी अन्य व्यक्ति के लिए कर सकते हैं। वह यह है कि हमने उन्हें बताना चाहिए। कि हम क्या करने जा रहे थे। चाहे हम उसी मूड में हों या नहीं। जब हम यह कहते है । इससे सत्यनिष्ठा का पता चलता है।

7 अपने जीवन में सभी अच्छी चीजों के लिए आभारी रहें :

अतीत इतिहास है, भविष्य एक रहस्य है और ‘अभी’ एक उपहार है, इसलिए इसे “वर्तमान” कहते हैं। आपको पता नहीं है। कि कल क्या लाएगा, इसलिए हर एक क्षण के लिए आभारी रहें जब आप जीवित हैं। अपने परिवार, दोस्तों और स्वतंत्रता के लिए आभारी रहें। आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन के लिए भी आभारी रहें ।


इस तथ्य के लिए कि आपके सिर पर छत के साथ सोने के लिए एक गर्म, सूखी जगह है। जीवन की हर एक बूंद को आप सोख सकते हैं, क्योंकि अभी जो भी आपके पास है, वह अभी है। अभी में जियेंगे तो तनाव नही होगा।

8 हर काम कड़ी मेहनत, दृढ़ता और रचनात्मक ढंग से करें :


सबसे अच्छी सलाह मैं आपको दे सकता हूं कि हर काम इस तरह से करो। जिस तुम खुद संतुष्ट हो जाओ। बहुत थोड़े में सफ़लता की उम्मीद मत लगाओ। बल्कि लंबी दौड़ के लिए तैयार रहें। किसी भी चीज के साथ वास्तविक सफलता आमतौर पर महीनों और यहां तक कि वर्षों तक प्राप्त करने में होती है। खुद पर विश्वास करें और अपने सपनों पर विश्वास करें, सीखते रहें और कभी हार न मानें। अगर आप खुद से संतुष्ट होंगे तो तनाव कम होगा।

9 हर समय विनम्र बने रहें :

क्या आपने कभी अपनी कार रोकी है। कि किसी को सड़क पार करने दें क्या आपने कभी ऐसा किया है और बदले में कोई आभार प्राप्त नहीं किया है ? कोई मुस्कुराहट, कोई इशारा नहीं। अपने शिष्टाचार को स्वीकार करना क्या सरल काम नहीं है ? भले ही यह ऐसा छोटा काम लगता है, लेकिन दूसरों पर इसका प्रभाव बहुत बड़ा है।

शिष्टाचार कुछ ऐसा नहीं है जिसके लिए बहुत प्रयास की आवश्यकता होती है। हाँ यह आश्चर्य की बात है कि यह इन दिनों बहुत कम देखने को मिलता है।

लेकिन अगर हम सब एक दूसरे के प्रति थोड़ा दयालु होने के लिए ठोस प्रयास करते हैं। तो हम अनगिनत लोगों के जीवन में एक वैध अंतर ला सकते हैं।

10 कौन सही है, कि जगह क्या सही है पर ध्यान दें :


इस तरह की चीजें रिश्तों में कई तर्कों की जड़ हैं। लेकिन यही कारण है कि हमें अपने दिमाग में निष्पक्षता रखने की आवश्यकता है। क्या सबसे अधिक समझ में आता है? सभी के लिए क्या उचित है? लक्ष्य को इस तरह से पूरा करें कि हर कोई सहज हो जाए । यह समझ से परे है कि दूसरा व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा है। और यह फ़ैसला करने के लिए आपके निर्णय लेने का सही कारक है।

11 आप जो नियंत्रण नहीं कर सकते, उसके बारे में चिंता न करें :

हम अपने जीवन को अपने नियंत्रण से बाहर की चीजों की चिंता में बिताते हैं । एक प्राकृतिक आपदा, एक बड़ी बीमारी या दुर्घटना के शिकार लोग अपने जीवन को ठीक से नही जी पाते, जिस तरह से वे जीते थे। लेकिन वे खुद को आत्म-पीड़ा से भी बचा सकते हैं।


दूसरे शब्दों में, जब तक हम जीवन में आने वाले सभी परिणामों को नियंत्रित नहीं कर सकते। हम निश्चित रूप से इन परिणामों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित कर सकते हैं । अगर बारिश का होना आपके हाथ में है ही नही तो दुखी हो के क्या करोगे।
“अच्छा जीवन प्रेम से प्रेरित और ज्ञान द्वारा निर्देशित है।” – बर्ट्रेंड रसेल

12 एक जिम्मेदार इंसान बनें :

खुद के साथ ईमानदार रहें और जिम्मेदारी संभालने और परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार रहें। क्योंकि सामान्य मानव की प्रवृत्ति गलत काम के लिए जिम्मेदारी को अस्वीकार करने की है। बहुत कम लोग जीवन में अनिवार्य रूप से होने वाली त्रुटियों और हादसों के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराने को तैयार रहते हैं।


बेशक, ऐसे हालात हैं जो कभी-कभार हमें साथ ले जाते हैं। जिसके खिलाफ हमारे पास बहुत कम या कोई सहारा नहीं होता परन्तु अगर वो हमारी ज़िम्मेदारी थी तो हमे स्वीकारना चाहिए।

13 खुद को या दुनिया को गंभीरता से मत लो :

गीता की वो लाईन तो सबने सुनी होगी क्या ले कर आये हो क्या ले कर जाओगे। किसी को देना किसी से लेना ये सिर्फ आपके बाहरी विचार हैं। इनमे ज्यादा न उलझें। आप को आने वाले कल का भी पता नही है। चाहे आज कितना भी पहाड़ उखाड लो।

14 अच्छी किताबे पढ़े :

हाँ, आप ऐसी किताबो को पढ़ सकते है जो आपको एक नयी शिक्षा देती हों। जीवन में आगे बढ़ाने की सीख देती हो। आप उन लोगों जीवनी और संघर्ष के बारे मे भी पढ़ सकते हो जिनको आप अपना आदर्श मानते है।

इसके अलावा आप इन्टरनेट पर हमारा ब्लॉग Thriving Boost भी पढ़ सकते हो जो आपको लगातार कुछ नया और बेहतर जीवन जीने की शिक्षा देगा और आपके तनाव को कम करेगा।

15 हर दिन मुस्कुराएं और हंसें :

एक अजनबी की एक साधारण मुस्कान आपके पूरे दिन को चमका सकती है। हंसने से आपकी चिंताएं गायब हो जाती हैं। जितना हो सके हंसने और मुस्कुराने की आदत बनाएं, क्योंकि जब आप ऐसा करते हैं ।तो जीवन बहुत बेहतर होता है।

सकारात्मकता संक्रामक है, और आप पाएंगे कि लोग आपको बहुत अधिक पसंद कर रहे है। और तनाव तो आपके नजदीक भी नही आयेगा।