पूजा

पूजा

आईए मातृत्व को समझें।

मातृत्व को समझें
"मातृत्व" "नारी ईख की तरह है, जो हर हवा के झोंके की तरफ झुक जाती है, लेकिन टूटती नहीं है। जब लोग बार बार लिंग के बारे मे पूछते हैं या सलाहें देते हैं तो इससे माँ को तकलीफ होती है। "नारी ईख की तरह है, जो हर हवा के झोंके की तरफ झुक जाती है, लेकिन टूटती नहीं है।"