मैं एक नारी हूँ। मंजू लोढ़ा द्वारा रचित कविता

“मैं एक नारी हूँ” मंजू लोढ़ा द्वारा रचित बहुत ही अच्छी कविता है। बहुत हुआ हक और सम्मान मांगना अपनी इस कविता मे मंजु जी ने समझ को ये समझाने की कोशिश की है कि अब नारी इस काबिल हो गई है कि वो अपना हक छिन के ले सकती है। नारी की खामोशी को उसकी मजबूरी ना समझा जाए।

मैं एक नारी हूँ।

सदियों से अपनी परंपराओं को निभाया हैं,

उसके बोझ को अकेले ढोया हैं,

इस पुरूषप्रधान समाज ने हरदम

हमको दौयम दर्जे पर रखा है,

अपनी ताकत को हमपर आजमाया है।

पर अब मुझे दुसरा दर्जा पसंद नहीं

मैं अपनी शर्तों पर जीना चाहती हूँ।

हक और सम्मान के साथ रहना चाहती हूँ।

मेरी सहृदयता को मेरी कमजोरी मत समझो।

मैं परिवार को न संभालती,

बच्चों की परवरिश न करती,

बुर्जुंगो की सेवा न करती,

पति को स्नेही प्रेम न देती,

तो क्या यह समाज जिंदा रहता?

मै कोमल हूँ, पर कमजोर नहीं,

अगर कमजोर होती तो

क्या यह नाजुक कंधे हल चला पाते?

पहाड़ों की उतार- चढा़व पर काम कर पाते?

घर और बाहर की दोनों दुनिया क्या यह संभाल पाते?

मेरे त्याग को तुमने मेरी कमजोरी समझ लिया,

घर-परिवार बचाने की भावना को मेरी मजबुरी समझ लिया।

अगर नारी पुरूष के अहंम को न पोषती,

तो पुरूष आज कहाँ होता?

पुरूष के बाहरी दुनिया के परेशानियों को वह न हरती,

तो पुरुष कहाँ होता?

हमें तो परमात्मा ने अपने गुणों से रंगा है

अपनी भावनाओं से हमें गढ़ा है

इसलिये हम सिर्फ कल्याण करना चाहती है,

इसलिये पुरूष से कई-कई पायदान उंची होकर भी

उनके सामने नतमस्तक हो जाती हैं।

झगडना हमें पसंद नहीं

इसलिये हम सिर्फ स्नेह-ममता-प्रेम

बांटती है-फिर कहुंगी

इसे हमारी कमजोरी मत समझो,

घर की आधारशिला समझो।

मुझे बिल्कुल पसंद नहीं कि

जिस घर को मैनें अपने खून सें सींचा

उसपर मेरा अधिकार ही नहीं

नाम पट्टिका

पर मेरा नाम नहीं।

अब घर हम दोनों का सांझा होगा,

नेम प्लेट पर सिर्फ मेरा ही नाम होगा।

मुझे कतई पसंद नहीं कि

मैं अपनी पसंद का भोजन न करूं

अपनी मर्जी से कहीं आ-जा न पाऊँ।

अब मैं भरपूर ,पल पल जीना चाहती हूँ।

हवाओं में उड़ना चाहती हूँ

सारे बंधन ,सारी पाबन्दियों की

बेडियों को तोड़, मुक्त आकाश में

स्वच्छंद पक्षी की तरह उड़ना चाहती हूँ।

मै सिद्ध कर चुकी हूँ-अपने आप को,

अब कोई अग्निपरीक्षा

नहीं, कोई जंजीरों की बेड़ियां नहीं,

परिवार की जिम्मेदारियों के साथ

खुद के प्रति जिम्मेदारी निभाना चाहती हूँ।

खुद की मनपसंदा बनकर, खुद की पीठ थपथपाकर,

हरदम खुश रहना चाहती हूँ।

मुझे पसंद नहीं सिर्फ

तुम्हारी तकलीफों को सुनुं

सिर्फ तुम्हारे दुःख की भागीदार बनुं,

अब मैं तुम्हारे सुख में सांझेदार होना चाहती हूँ।

घर के सभी मसलों में मेरा भी मत रखना चाहती हूँ।

मुझे तुम अनदेखा अब न कर पाओंगे।

हर कदम पर मेरी उपस्थिती दर्ज रहेंगी।

सोच लो आज से हम,

हर कदम, हमसफर है,

जितना जीने का तुमको हक

उससे कम मुझे स्वीकार नहीं।

युद्ध क्षेत्र से लेकर

आसमानी यात्रा में

हमने अपना परचम फहराया है।

अपनी बुद्धीमत्ता का लोहा मनवाया है।

दुनिया को दिखलाया है

किसी से हमारा कोई मुकाबला नहीं

क्योंकि हम किसी से कम नहीं।  

 

मंजू लोढ़ा द्वारा रचित

हिन्दी कविता और हिन्दी साहित्य

Results of Poster Contest on Earth Day 2021

Results of Poster Competition

We congratulate all the participants for participating and making the Poster contest a big success. The most awaited day of the contest, the announcement of prize winners, has come.

Congratulations!!!! to the winners of “Poster Contest of Earth Day-2021” organized by Thriving Boost in view of Earth Day 2021. Find the list of winners below:

Results of Earth Day 2021 POSTER CONTEST

This initiative will engage youth and students to enhance public awareness about how to protect Earth?

Best Posters

Some Other categories which is not in winner list but they are also best

Younger Contestant is

Poster Competition on Earth Day 2021
Lavishka Kalra 
Age : 6 Year 
From : Ashok Nagar, New Delhi
Poster Competition on Earth Day 2021
S.Kahanshwa, 
Age : 6, 
Std :2nd std, 
School : SBOA School & Junior College
From   : Tamil Nadu, Chennai  

Finalist

Poster Competition on Earth Day 2021
Abhay Kumar Gupta 
Class: 12th, 
School:Gola kheri, Uttar Pradesh 
Earth Day 2021
MD Shakeel 
Class - 12 
School - Govt. Boys Sr. Sec. School N0-2 Samalka  
From - New Delhi
  
Earth Day 2021
 
R.Sayali, 
Class - 8th
School - Montfort matric hr.sec.school, 
From - Chennai, Tamilnadu  
Earth Day 2021
 
Sushma Devi
Age - 31
From - Khairi, Banikhet(Himachal Pradesh)  
Poster Competition on Earth Day 2021
Sumit Dey
Age - 20+
From - Bankura, West Bengal
Poster Competition on Earth Day 2021
 Suman Kumar 
 Age 41
 From - Baliapur, Dhanbad, Jharkhand 
Earth Day 2021
Rudraksh kumar 
Class - 6th 
Age - 12 year 
From - Nanded city, Maharashtra 
Poster Competition on Earth Day 2021
Riya Jadia
Grade : 11
Age : 16
From: Badlapur East aharashtra  
Poster Competition on Earth Day 2021
Ritu kumari
Age-25
From - Samastipur,Bihar India  

This initiative will engage youth and students to enhance public awareness about how to protect Earth?

2021 प्रतियोगिता कैलेंडर

टीम Thriving Boost 2021 मे बहुत सारी प्रतियोगिताओं का आयोजन करने जा रही है। जिनकी जानकारी आपको 2021 प्रतियोगिता कलेंडर मे मिल जाएगी।

2021 मे आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं।

टीम Thriving Boost 2021 मे बहुत सारी प्रतियोगिताओं का आयोजन करने जा रही है। ये एक पहल है हमारे साथियों के अंदर छिपे जज्बे को बाहर लाने की। भविष्य मे हम ऐसी बहुत सारी प्रतियोगिताओं का आयोजन बहुत बड़े स्तर पर करवाएंगे। जिससे हम अपने सभी साथियों को आगे आने का और हमारे साथ जुडने का मौका देंगे। ये काम हम जमीनी स्तर पे करेंगे जिससे समाज के उन सभी  वर्गों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले, जिन्हे किसी भी मंच तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल होता है।

हम आप सब से विनम्र निवेदन करते है कि, हमारा इस मुहिम मे साथ दें, इन प्रतियोगिताओं के बारे मे ज्यादा से ज्यादा लोगों को अवगत करवाएं। आपकी सफलता हमारी सफलता है, हम सब की सफलता है, भारत बर्ष की सफलता है। 

नीचे दिए गए कलेंडर मे आपको 2021 मे होने वाली सभी प्रतियोगिताओं की जानकारी मिल जाएगी। 

 

प्रतिभागी “सविता माली “

हिन्दी कविता प्रतियोगिता की प्रतिभागी “सविता माली ” द्वारा रचित कविता “ठंडी हवा”। अगर आप मे भी है ऐसी प्रतिभा तो जल्दी से भाग ले और जीते धन राशी, उपहार साथ मे प्रमाण पत्र।

हिन्दी कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी "श्रीमती सविता माली "

हिन्दी कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी "श्रीमती सविता माली " द्वारा रचित कविता "ठंडी हवा "।
अगर आप भी अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते है तो आपका स्वागत है। ये प्रतियोगिता निशुल्क है। विजेताओं को इनाम और गिफ्ट दिए जाएंगे। भाग लेने के लिए नीचे दिए गए बटन पे क्लिक करें।

*ठंडी हवा*

 

देखो जरा ! ठंडी हवा 

भी क्या मदमस्त होकर

 चल रही।

किसी का भी भय नहीं

 है जिसे।

चंचलता है स्वभाव

 जिसका।

कभी विशाल वृक्षों से 

गुपचुप बातें करती हैं,

तो कभी इठलाती हुई 

मेरे घर में टंगे पर्दों को 

छेड़ा करती हैं।

यह खुश भी आज

 बहुत है, 

लगता है जैसे नदी में

 गोते लगाकर आई है।

शीतलता से लिप्त है यह ।

 तभी तो तीक्ष्ण ग्रीष्म

 ऋतु में राहत  प्रदान कर 

रही ।

आज मुझसे भी बातें 

करने लगी है ये देखो।

कभी मेरे केशों के साथ

 क्रीडा कर रही ।

तो कभी मेरे छत पर टंगे 

कपड़ों को खुद के

 साथ उड़ा रही।

आकाश में उड़ रहे

 पतंगों को मानो और

 भी गति देर रही।

दे रही संदेश जैसे

 संघर्षों से थककर हार

 मारना ही जीवन नहीं।

कुछ भी हो , तू खुश रह ।

हार के बाद भी,

 तू फिर से उठ ,

नए जोश और उमंग

 के साथ।

खुद ही दे खुद को 

हौसला तू।

स्वतंत्रता और निर्भयता

 का पाठ 

पढ़ा रही यह देखो।

तभी तो मंदिर के छत पर 

लगे विशाल ध्वज को 

भी स्फूर्ति से लहरा 

रही।

देखो जरा! ठंडी हवा

 भी क्या मदमस्त होकर 

चल रही।

 

 

लेखक/ कवि  – श्रीमती सविता माली
निवासी – प्रयागराज                           

 

प्रतिभागी सुरेश चंद्र “सर्वहारा “

कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी “सुरेश चंद्र सर्वहारा” द्वारा रचित कविता “सर्दी का मौसम”। अगर आप मे भी है ऐसी प्रतिभा तो जल्दी से भाग ले और जीते धन राशी, उपहार साथ मे प्रमाण पत्र।

हिन्दी कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी सुरेश चंद्र "सर्वहारा " की कृति

हिन्दी कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी "सुरेश चंद्र सर्वहारा " द्वारा रचित कविता "सर्दी का मौसम "।
अगर आप भी अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते है तो आपका स्वागत है। ये प्रतियोगिता निशुल्क है। विजेताओं को इनाम और गिफ्ट दिए जाएंगे। भाग लेने के लिए नीचे दिए गए बटन पे क्लिक करें।

सर्दी का मौसम

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सर्दी का मौसम है आया

     बैठी है सिमटी – सी बुढ़िया,

          कहती सर्दी बड़ी निगोड़ी

               इससे तो गर्मी ही बढ़िया ।

बूढे़ दादा भी अब थोड़े

     सुबह सैर से हैं कतराते,

         बैठ धूप में करते रहते

              गए जमाने की वे बातें।

रंग बिरंगे ऊनी कपडे़

    पहन घूमते लड़के लड़की,

         सर्दी के मौसम ने खोली

               इनके लिए खुशी की खिड़की।

    छोटी गुड़िया को तो लगते

         इक जैसे ही मौसम सारे,

            खेल रही वह भरी ठण्ड में

               स्वेटर मौजे सभी उतारे।

                       *****

                                 लेखक/ कवि – सुरेश चन्द्र “सर्वहारा”

                                      सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी ( रेलवे )

         कोटा, राज्यस्थान 

प्रतिभागी विकास शाक्य (विवेक)

प्रतिभागी विकास शाक्य (विवेक) द्वारा रचित कविता, “चाय”, आप भी जल्दी से भाग ले और जीते धन राशी, उपहार साथ मे प्रमाण पत्र।

प्रतिभागी विकास शाक्य (विवेक) की कृति ।


प्रतिभागी विकास शाक्य (विवेक) द्वारा रचित कविता "चाय"।
अगर आप भी अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते है तो आपका स्वागत है। ये प्रतियोगिता निशुल्क है। विजेताओं को इनाम और गिफ्ट दिए जाएंगे। भाग लेने के लिए नीचे दिए गए बटन पे क्लिक करें।

      चाय      

चाहे सुबह हो

या रात सुहानी

दो समय उसकी

याद है आती

सुबह को व्यक्ति उसको मांगे

शाम को व्यक्ति उसको मांगे

अगर दो समय

व्यक्ति उसको पा जाते

सुबह शाम उसके गुण गाते

पता नहीं व्यक्ति उसके बिन

क्यों नहीं रह पाते?

जो सुबह शाम उसको नहीं पाते

मानो जैसे व्यक्ति के अधूरे

काम रह जाते

बूढ़े हो या बच्चे

सभी को भाती

जब सर्दी इनके समीप है आती

तब उसकी याद सताती

चाय सर्दी की रानी कहलाती

नर हो या नारी

सर्दी जुकाम पर पड़ती भारी

उसको कहते हैं चाय प्यारी

और सभी के

हृदय में छा जाती

चाय सर्दी की रानी कहलाती

एक हुकुम पर उसके

सर्दी हमारे पास न आती

सभी लोगों की सुस्ती दूर कर

जाती

चाय सर्दी की रानी कहलाती

    

नाम – विकास शाक्य (विवेक)
उम्र –  15 वर्ष            
पेशा – केवल पढ़ाई          
उत्तर प्रदेश  से             

हिंदी कविता लेखन प्रतियोगिता।

Thriving Boost हिंदी में कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। आप के पास नि:शुल्क मौका है नकद 1000 रुपये तक इनामी राशी और पुरस्कार जीतने का! प्रवेश सभी देशों के लिए खुला है। आप ठंड, बर्फ, ठंडी हवा, चाय और ठंड या ठंड और रोमांस से संबंधित कविता प्रस्तुत कर सकते हैं।

कविता प्रतियोगिता

Thriving Boost हिंदी में कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। आप के पास नि:शुल्क मौका है नकद 1000 रुपये तक इनामी राशी और पुरस्कार जीतने का! प्रवेश सभी देशों के लिए खुला है। आप ठंड, बर्फ, ठंडी हवा, चाय या ठंड और रोमांस से संबंधित कविता प्रस्तुत कर सकते हैं।

हिंदी भारत के लोगों के लिए सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ प्रेम और एकता का प्रतीक है। हमें अपनी मातृ भाषा के साथ बने रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह हमारी आधिकारिक भाषा और राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी है।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व और समृद्धि के बारे में जागरूकता बढ़ाना, छात्रों को हिंदी भाषा के महत्व के बारे में उन्मुख करना और यह संदेश फैलाना कि हिंदी भाषा हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा है। समाज के सभी वर्गों से अनुरोध है कि ऊपर सुझाए गए विषयों पर हास्यप्रद, भावनात्मक और दिल को छू लेने वाली कविताएँ प्रस्तुत करके प्रतियोगिता में भाग लें और हिन्दी कविता कोश का विस्तार करें।

दिशा – निर्देश

अपनी कविता प्रस्तुत करने से पहले, कृपया सुनिश्चित करें कि आपने निम्नलिखित दिशानिर्देशों को पढ़ा है और उनका पालन किया है।

1. यह एक निःशुल्क प्रतियोगिता है। कोई प्रवेश शुल्क की आवश्यकता नहीं है। जमा करने की अंतिम तिथि 03 मार्च 21 है। परिणाम 06 मार्च 21 को घोषित किये जाएंगे।

2. एक बार में केवल एक कविता ही प्रस्तुत करें। कई कविताएँ प्रस्तुत करने पर आपकी सभी कविताएं रद्द कर दी जाएंगी।  

3. प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। कोई उम्र प्रतिबंध या राष्ट्रीयता प्रतिबंध नहीं है।

3. कविता आपकी अपनी कृति होनी चाहिए। किसी दूसरे की चुराई गई कविता को भी रद्द कर दिया जाएगा। 

4. अशिष्ट, आपत्तिजनक या पूरी तरह से अनुचित भाषा वाली कविता स्वीकार नहीं की जाएगी।

5. सभी विजेताओं को नियमित ई-मेल, डाक और upi ID के माध्यम से नकदी और पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेताओं को फोन या ईमेल द्वारा संपर्क किया जाएगा और उनकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। जैसे ही विजेताओं की पूरी सूची तैयार की जाएगी, उसे वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया जाएगा।

6. कविता लेखन की भाषा हिन्दी है।

7. विजेता कवियों / लेखकों, के नाम और अन्य संबंधी जानकारी Thriving Boost वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

8. प्रतियोगिता में प्रवेश के लिए आयोजक या उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं होंगे।

कविता कैसे प्रस्तुत करें?

1. हमें ईमेल, मोबाईल मैसेज और व्हाट्सएप द्वारा अपनी लिखित कविता भेजें:

  • ईमेल – thrivingboost@gmail.com
  • मोबाईल मैसेज और व्हाट्सएप नंबर: – 8219115668

2. आपकी कविता को Thriving Boost वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा और आपके ईमेल पर उसका लिंक आपको भेजा जाएगा। आप टिप्पणियों(comments) के लिए अपनी प्रकाशित कविता को साझा(share) और विज्ञापित(advertise) कर सकते हैं। अधिक टिप्पणियां(Comments ) परिणाम को अधिक प्रभावित नहीं करेंगी, लेकिन हमारे दिशानिर्देशों के अनुसार आपको हमारे न्यायाधीश मानदंडों के तहत आने के लिए कम से कम 10 टिप्पणियों(Comments) की आवश्यकता है।

3. यदि आप विजेता हैं, तो आपकी UPI आईडी, हम पहचान की पुष्टि के समय प्राप्त करेंगे।

हमें क्या चाहिये?

1. कविता का शीर्षक।

2. आपके द्वारा लिखी गई कविता।

3. कविता के नीचे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जिसमे:

  • नाम(Name)
  • उम्र (Age)
  • पेशा(Your Profession)
  • डाक पता(Postal Address)
  • ईमेल आईडी(Email Id) या मोबाइल नंबर(Mobile No.)।
  • ज्यादा जरूरी नहीं है, लेकिन अगर आपकी कोई भी फोटो हमें भेजेंगे तो हम आपकी कृति के साथ सलंगन कर देंगे। जो प्रतियोगिता समाप्त होते ही हमारे डाटा से हटा दी जाएगी। फोटो देना, न देना आपकी इच्छा पे निर्भर है।

आपके पते(Address) की आवश्यकता क्यों हैं?

सभी विजेताओं को डाक मेल, ईमेल या टेलीफोन द्वारा सूचित किया जाएगा। साथ ही आपका Prize Gift आपको आपके पते पर भेजा जाएगा।

निर्णायक मण्डल

Thriving Boost के निर्णायक मण्डल मे व्यापक पृष्ठभूमि वाले लोग हैं। सभी न्यायाधीशों को कविता का व्यापक ज्ञान है।

प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायक दौर का बहुमूल्य कार्य शुरू होता हैं। कृपया समझें, इस प्रतियोगिता का निर्णय करना हमारे लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि यह आपके लिए। हम हर एक कविता पढ़ते हैं, कभी-कभी दो या तीन बार भी। अंतिम परिणाम तैयार करने में लगभग 2-3 दिन लगते हैं।

सर्वश्रेष्ठ 7 कविताएँ पुरस्कृत की जाएंगी।

निर्णायक मण्डल का निर्णय अंतिम होगा।

जीत के मानदंड

  • आपकी कविता पर कम से कम 10 टिप्पणियों(Comments) के होने पर ही कविता मानदंड के तहत आएगी। अधिक टिप्पणियां आपको अंतिम परिणाम में लाभान्वित कर सकती हैं।
  • काव्य तकनीक, प्रभावशीलता, शैली और रचनात्मकता ये जीत के मुख्य मानदंड है।

पुरस्कार

प्रथम –  1000 रुपये के साथ उपहार और प्रमाण पत्र (1 उम्मीदवार के लिए)।

दूसरा – 700 रुपये के साथ उपहार और प्रमाण पत्र (1 उम्मीदवार के लिए)।

तीसरा – 400 रुपये और प्रमाण पत्र (2 उम्मीदवारों के लिए)।

चौथा  – 200 रुपये और प्रमाण पत्र (3 उम्मीदवारों के लिए)।

कॉपीराइट Note

सभी संकलित किए गए प्रकाशनों पर Thriving Boost का कॉपीराइट होगा। कविता लेखक की व्यक्तिगत संपत्ति हैं। Thriving Boost प्रविष्टियों को प्रकाशित करने के अधिकार को अपने पास रखता है।