मनोवैज्ञानिक तरीके to manipulate People

इन Tricks से हम समझ पाएंगे कि कई बार हमारा दिमाग अपने और दूसरों के व्यवहार को logical तरीके से समझने लगता है। हमारी हर movement, Decision या speech के पीछे हमेशा कुछ न कुछ logic जरूर होता है। आज ऐसे ही कुछ ट्रिक्स हम आपको बताने जा रहे है जिनको आप ने कभी न कभी महसूस तो किया होगा पर ध्यान नही दिया होगा। तो आइये लोगो को थोड़ा logically समझते है।


Use the mirror as Ethical Guide(शीशे का एक नैतिक मार्गदर्शक के रूप में प्रयोग)


अगर आपकी कोई ऐसी जॉब है। यहाँ पर आप को काफी सारे लोगों से बात करनी पड़ती है। तो आप अपनी कुर्सी के पीछे एक शीशा लगा सकते है।ऐसा करने पर जो भी इंसान आप से बात करने आएगा । वो ज्यादा शांत और विनम्र व्यवहार करेगा।

Psychologist मानते है कि जब भी हम अपने को शीशे में देखते है तो हम self consious हो जाते है। हमे अपने आप को गुस्से में या चिड़चिड़ा देखना पसंद नही होता । हम अपनी परछाई को देख कर थोड़ा सभ्य हो जाते है।


Say their Name (नाम से पुकारो)


आप ने सुना होगा किसी से भी बात करते समय जब हम उनका नाम लेते है, तो उन्हें अच्छा लगता है। एक research में पता चला था जब भी हम अपना नाम सुनते है। तब हमारे दिमाग में ध्यान देने वाले और यादें बनाने वाले बिंदु Active हो जाते है। और हमारा नाम लेने वाला इंसान हमारे लिए important बन जाता है और हम उसे जल्दी बुलाते नही है।

तो जब भी किसी से पहली बार मिलो तो बात करते हुए उसका नाम जरूर लो। इससे वो आपकी बात अच्छे से सुनेगा और आपको पसंद भी करेगा।


Use Pygmalion Effect


Greek कार्यप्रणाली में एक चित्रकार की कहानी है। जिसका नाम था पिग्मेलियन। वो हाथी के दाँत से बना एक बड़ा सा टुकडा लेता है और उसे ट्रैश कर एक खूबसूरत महिला की तस्वीर बना देता है।

वो इतनी अच्छी थी कि उसे उस मूर्ति से प्यार हो जाता है। तो उसने अपने भगवान से प्रार्थना की, कि उसे एक वै ही महिला चाहिए शादी के लिए। उसके बाद वो घर गया उसने मूर्ति को kiss किया तो Surprisingly उसमे जान आ गयी। यह कहानी बताती है कि कैसे हमारी उम्मीदे खुद को सच बना लेती है। पिग्मेलियन को जो चाहिए था। उसने उसका blue print तैयार की और उसे वो मिल गया।

psychologist मानते है कि ये चीज हमेशा काम करती है । जैसे एक study से पता चला की जिन बच्चों को school में बताया जाता है कि वो स्मार्ट है, inteligent है, वो बाकियों से ज्यादा वेहतर परिणाम लाते है। तो जब भी किसी से मिलो तो उन्हें सकारात्मक स्तर दो।


Use surprising request (अजीव सी विनती करें)


हम जब किसी से अजीव सा या थौडा असाधारण सी विनती करते है। तो उस से वो हम में ज्यादा दिलचस्वी लेते है। इसका मतलव सब से हट के प्रश्न पूछना हमारी alertness को बढ़ाता है। इसलिए हमें अपनी uniqeness सबको दिखानी चाहिए।


Not to get the answer


जब आपको किसी से पक्का उतर चाहिए। तो कोशिश करो, आप प्रश्न पूछते समय या विनती करते समय अपना सर हिलाते रहें।

हाँ हाँ ये trick आपको Restaurant में देखने को मिलेगी। वेटर आपके पास आता है और पूछते हुए सर हिलाने लगता है। इसमें ग्राहक को बोलते रहने का दबाव महसूस होता है, और ऐसे Restaurant ज्यादा खाना बेच पाते है।


Show Dissatisfaction (असन्तोष ज़ाहिर करना)


अगर आप कोई सौदा कर रहे हो और आपको एक ठीक ठाक सौदा मिल भी गया है। पर आपको लगता है कि ओर अच्छा सौदा भी हो सकता है तो आपको बिना कुछ बोले असन्तोष ज़ाहिर करना है।

अगर आप बैठें हो तो आप अपनी बाजु cross कर ले। या पीछे हो कर असन्तोष ज़ाहिर क्र सकते है। और अगर खड़े हैं तो कुछ देर चुप रह कर इंतजार कर सकते है।


Make Others to repeat their joke (उनको joke दोहराने दें।)


अगर कोई इंसान आपके ऊपर joke मार रहा है। तो आप ऐसे व्यवहार करें जैसे आपने joke ढंग से सुना नही और उन्हें joke दोहराने के लिए बोले क्योंकी ज्यादातर joke अपना fun element खो देते है जब उन्हें दोबारा बोलना पड़ता है।

इसके अलावा हम उन्हें ये भी बोल सकते हे की वो joke को समझाए, इसमें क्या funny था। तो जाहिर है वो joke, joke नही रहता जिसे समझाना पड़े।


Use word because ( क्यों शव्द का उपयोग करें।)


अगर हम किसी से अपनी बात मनवाना चाहते है तो अपनी विनती में या विचार में क्यों शव्द जोड़ देने से सुनने वाले को reasoning मिल जाती है की वो हमारी बात क्यों माने।

एक Experiment में लोगों को 3 group में बांटा गया। जिन्हें Xerox मशीन से फोटो कॉपी करनी थी। पहले group को बोलना था। कि मुझे 5 पेज की फोटो कॉपी चाहिए। दूसरे group को बोलना था, क्या में Xerox मशीन का प्रयोग कर सकता हूँ ? क्योंकि में जल्दी में हूं। तीसरे group को काफी बेबकूफी वाला बहाना बोलना था, कि क्या में Xerox मशी का प्रयोग कर सकता हूं ?क्योंकि मुझे कॉपी निकालनी है। तो चोंकाने वाली बात ये हुई की बेबकूफी वाला बहाना भी कम कर गया और 93 प्रतिशत लोगों ने क्योंकि बोलने वालों को मशीन का प्रयोग करने दिया। इसका मतलब अगर आप क्यों का प्रयोग करो तो सकारात्मक प्रतिक्रिया आने के ज्यादा संयोग है।

तो क्या आप भी कोई logical Trick का प्रयोग करते है तो messege कर के हमे बताये जरूर हमारे पाठको को इस से ज्यादा लाभ मिलेगा। और अगर नही करते हो प्रयोग तो अब से शुरू कर दीजिए आपको ज्यादा बेहतर परिणाम मिलेंगे जिससे आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। तो ऐसे ही हमारे blog Thriving Boost में आते रहे और अपना ज्ञान बढ़ाते रहे और हमारा भी ज्ञान बढाएं । Thriving Boost आपके चरित्र को निखारने के लिए प्रतिवद है।
जय हिंद । जय भारत।।

क्या आप भावनात्मक या मनोवैज्ञनिक रूप Mature हैं???

कौन ज्यादा Mature है ??

ऐसे देखा जाये तो, हम अपने से बडे लोगों को ज्यादा mature समझते है। क्योंकि अपने अनुभव से हर इंसान कुछ न कुछ सीखता है। और जितना वो जीता है उतना वो इस जिंदगी को और इस दुनिया को बेहतर समझता है।

यद्यपि हमारी भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक Maturity का हमारे जीवन में हमारी उम्र से कोई संबंध नही है। क्योंकि इस तरह की Maturity सिर्फ इस तरह के अनुभव से ही नही बचपन के अनुभव से भी बनती है । जिसके कारण एक 10 साल का बच्चा एक 30 साल के आदमी से भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक तरीके से ज्यादा Mature हो सकता है।


Maturity का मतलब है। अपने वातावरण के अनुसार कार्य करना और हमेशा अपने आप को बेहतर बनाना ।


अब हम आपको बताएँगे की आप कैसे पता लगाऐं की आप mature है? या नही । हम आपको आगे दिए गए कुछ मुख्य बिंदुओं पर नजर डालें और खुद को जांचे की आप mature है या नही । या आप में Maturity के कितने लक्षण है। तो आइए देखते है की कैसे होते है Mature लोग? और क्या करते है ?


1 Personal Growth


कोई भी इंसान जो Mature होता है । लगातार अपनी personality को बेहतर बनाता है। क्योंकि ये एक रबर की तरह लचीली है। तुम इसे कितना भी बेहतर बना सकते हो। और Mature लोग हमेेशा बेहतर बनते है।


2 अपने और दूसरों के बीच में boundries बनाते है।


इन्हें अपनी भावनात्मक, जिस्मानी और मानसिक दायरों का पता होता है। जिस से कोई भी इन्हें हेरफेर कर के फायदा नही उठा सकता। Boundries का मतलब है इन्हें पता है कि किन चीजों के लिए हाँ बोलना है। क्या लोगों के साथ share करना है। दूसरों को कितना टाइम देना है और खुद को कितना टाइम देना है।


3 अपनी गलती मान लेते है।


खुद को perfect समझना और अपनी गलती नही मनना ।Immaturity का संकेत है। हमे किसी भी skill को बेहतर बनाने के लिए असफलता का सामना करना ही पड़ता है।


4 कुछ भी बोलने से पहले सोचते है।

ये लोग बहुत सोच समझ कर बोलते है। क्योकि ये जानते है कि किसी भी परिस्थिति में बिना सोचे समझे बोलना हमेशा बुरे परिणाम देता है।


5 समय को समझते है और अहम मानते है।


समय ही आपका सबसे अच्छा मित्र भी है और शत्रु भी। अगर आप समय को समझते हो तो ये सोना है। बस ये याद रखना की एक दिन आप मर जाओगे। ये कथन आपको ज्यादा productive तो बनता है पर इसके साथ आप विनम्र भी बनते हो।


6 अकेले रहने में कोई समस्या नही होती।


हमे हमेशा ये बताया जाता है कि सब के साथ मिलजुल कर इकठे रहो। रिश्ते बनाओ और सामाजिक बनो। पर कोई ये नही बताता की खुद को जानने के लिए अकेले भी रहना चाहिए । अकेले रहने से हमारी क्षमता बढ़ती है। हम खुश भी रहते है और रचनात्मक भी बनते है।


7 आलोचना झेल सकते हो।

आपकी आलोचना होना तय है अगर आप चाहे कुछ अच्छा करो या बुरा करो। क्योकि जब आप उन्नति करोगे तो आपके आलोचक भी बढ़ेंगे।

Mature इंसान जानता है कि एक आलोचक हमे हमारी उन कमियों के बारे में भी बता सकता है जिनसे हम अनजान है।


कवीर जी ने कहा भी था।
जो हमारी निंदा करता है, उसे अपने अधिकाधिक पास ही रखना चाहिए। वह तो बिना साबुन और पानी के हमारी कमियां बता कर हमारे स्वभाव को साफ़ करता है.


8 कोई इंसान अच्छा या बुरा नही होता।


हर किसी के अपने अपने अनुभव होते है, हर किसी की अपनी अपनी सोच होती है। अपनी जगह हर कोई खुद को सही मानता है। किसी भी इंसान को वैसा बनाने में समाज का और उसके आस पास के वातावरण का बहुत बड़ा हाथ होता है।


9 धैर्य होना चाहिए।


हमे अपना सयम कभी नही खोना चाहिए चाहे कितनी भी मुसीबत आये । आप कोई भी काम करते हो तो उसमें धैर्य बहुत जरुरी है तभी आओ सफल हो सकते है।


10 सेहत की परवाह

हमारा शरीर ही मरते धम तक हमारा साथ देता है। हमे इसकी परवाह करनी चाहिए। अगर हम स्बच्छ है तभी कोई भी काम अच्छे से कर सकते है। और इसमें हमारा मानसिक और जिस्मानी दोनों स्वास्थ आते है। हमें मानसिक रूप से भी और जिस्मानी रूप से भी स्वस्थ रहना है।


11 अपनी जिम्मेदारी से नही भागते है।

Mature लोग जिम्मेदारी उठाते है । वो कभी जिम्मेदारी से भागते नही है। हम जितनी जिम्मेदारी उठाते है । उतनी ही हमारी जिंदगी meaningfull बन जाती है।


12 फर्क नही पड़ता की दूसरे लोग क्या सोचते है।

Mature लोग अपनी जिंदगी जीते है अपना काम करते है। वो जानते है सकरात्मकता है तो नकरात्मकता भी होगी ही । दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है।


13 मुश्किल स्थिति में भी शांत रहना ।

ये एक तथ्य है कि जिंदगी बदलती रहती है। और इसके सभी पहलुओं को स्वीकारने की ताकत सब में नही होती है। और जो ऐसा कर लेते है वो मानसिक रूप से सशक्त बनते है।जीवन समस्याओं से भरा होने वाला है। इसकी स्वीकृति Mature लोगों को शांत रहने और जीवन के अधिक कठिन क्षणों के दौरान अधिक स्पष्ट रूप से सोचने की अनुमति देती है।


समस्याओं को पूरा करने और सुलझाने की पूरी प्रक्रिया वही है जो जीवन को इसके गहरे अर्थ देती है। Mature लोगओ ने यह समझने के लिए आवश्यक भावनात्मक बुद्धिमत्ता की स्थापना की है कि जीवन की कठिनाइयां एक सफलता या असफलता से अलग होने की धार है।


14 Commit कर सकते है।


हमे अपने रिश्तों की संख्या नही, गहरायी बढ़ानी चाहिए। Mature लोग सच्चाई को भीतर से जानने, सुनने और काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, चाहे वह कितना भी आहत या तनावपूर्ण क्यों न हो। हमें सच बोलने के लिए तैयार और प्रतिवद होना चाहिए।

15 लोगो को माफ़ करना।


समझदार लोग जानते है कि जब वो किसी से गुस्सा रहेंगे तो वो नकारात्मक ऊर्जा उन्हें भी नुकसान पहुंचाएगी। और किसी को माफ़ कर देना लोगो में आपके व्यक्तित्व को निखारता है।


16 हँसी मजाक करना।

मुश्किलें सभी की जिंदगी में आती है । और निराश होने से उनका और ज्यादा नकारत्मक प्रभाव पड़ता है । तो हमे मुश्किओं के बावजूद भी हँसते मजाक करते रहना चाहिए । ये भावनात्मक Maturity का सबसे अच्छा उदाहरण है।



17 जिंदगी का मकसद समझ आ गया है।


ये सबसे आखरी और जरूरी है। Mature लोग अपनी जिंदगी के मकसद को समझते है। वो बेकार की उलझनों से दूर रहते है। खुद को बेहतर बनाते है।जिंदगी को जीते है। ऊपर के सभी बिंदु इसी एक बिंदु पर आ कर मिलते है।

Maturity हर किसी के लिए एक विकल्प है। आप जितना अधिक महत्व देते हैं। वह उतना ही अधिक जिम्मेदार होता है। मुझे यकीन है कि शायद अन्य संकेत भी हैं, लेकिन इस सूची में कम से कम उनमें से अधिकांश शामिल हैं। मुझे पता है कि हम हमेशा अपने Mature पक्षों को प्रदर्शित करते हुए बेहतर काम कर सकते हैं। मुझे यह भी पता है कि ऐसा करके, हम एक दूसरे को अपने उदाहरण के माध्यम से ऊपर उठाते हैं। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे व्यवहार के नकारात्मक पक्ष भी है और यह जानने के लिए कि हमें कुछ सकारात्मक करना चाहिए … और वह, मेरे दोस्त, WISDOM है।


तो अब आप को भी पता लग गया होगा की आप कितने Mature है। हमे बताने की जरुरत नही है पर हाँ अगर कुछ कमी है तो Thriving Boost आपको Mature बनाने के लिए आपके व्यक्तिव को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है। आप पड़ते रहे और अपने दोस्तों को भी पढ़ाते रहे।
जय हिंद, जय भारत।।

तनाव मुक्त जिंदगी जीने के 15 तरीके।

इस तथ्य के बावजूद कि तनाव का हमारे जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फिर भी हम स्वीकार करते हैं , कि यह एक मानसिक विकार हो सकता है। तनावपूर्ण जीवन जीने से हमारी कार्यक्षमता में बाधा आती है।स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की हमारी क्षमता कम होती है। तनावग्रस्त होने के कारण, आप अधिक बार बीमार पड़ सकते हैं, क्रोधी महसूस कर सकते हैं और यहां तक कि चिढ़ भी सकते हैं। तो आइये जानते है एक तनाव मुक्त जिंदगी कैसे जी जाये।

तनाव मुक्त जिंदगी का रहस्य

1 व्यायाम करें और तनाव भगाएँ :

बचपन से हम सुनते आ रहे है की हमें रोजाना व्यायाम करना चाहिए । पर हम कभी भी इस बात को सीरियसली नहीं लेते। हम व्यायाम करने में आलस करते है। लेकिन व्यायाम हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

व्यायाम के समय और बाद में हमारे शरीर की कसरत होती है और उसे आराम भी मिलता है। जिस से हमें नींद लेने में आसानी होती है, और हमारा मूड भी अच्छा रहता है। इसलिए रोज व्यायाम जरुर करे। सुबह की सैर भी बहुत फायदेमंद है।


2 दोस्तों से बात करे :

आपको जब कभी भी लगता है की आप तनाव में है। तो दोस्तों की सहायता लें। । आप अपने दोस्तों से मिले या उनसे फ़ोन पर बात कर सकते है। अपने मित्र से जब आपकी बात होगी थोड़ा हंसी मजाक होगा तो आपका तनाव इससे कम हो जायेगा।

दोस्तों के सुख – दुःख भरी बातें सुनकर आपको जरुर तनाव से राहत मिलेगी। आपकी जिंदगी में 3,4 लोग जरूर ऐसे होने चाहिए जिनसे आप अपने दिल की बात सांझी कर सको।

3 अगर कार्य शुरू किया है तो खत्म भी करो :


हर काम को पूरा करने की कोशिश करो। आपका उत्साह बढेगा। किसी भी काम को अधूरा छोड़ना आपके आत्मविश्वास को कम करता है। और काम को पूरा करने की प्रवृति आपकी कीर्ति और यश दोनों बढ़ाएगी। आप तनाव मुक्त होंगे।

4 अगर तुम सक्षम नही हो तो दूसरों की सहायता लो :


कोई भी हर कार्य में निपुण नही होता है । तो जो कार्य आपके बस में नही है तो जबर्दस्ती न करें। दुसरो की सहायता लें इस से आपका साम्मान काम नही होगा वल्कि आपके संबध अच्छे बनेगे। और आपका कार्य की अच्छे से पूर्ण होगा।

5 उधार को हमेशा चुकता करो :

आपके द्वारा उधार ली गयी बस्तु आपको समय पर खुद बापिस करनी चाहिए । किसी दूसरे की वस्तु उसकी आज्ञा के बिना प्रयोग न करें। इससे आपका विश्वास बना रहेगा । और आपकी छवि भी अच्छी बनेगी। आपकी इज्जत भी होगी। और आप तनाव में भी नही रहोगे।


6 किये हुए वादे से न मूकरें :

रिश्तों में प्रतिबद्धताएं होती है और वफादारी आज के समाज में एक दुर्लभ वस्तु है। अगर आप अपने वायदे को निभाते है तो ये आपको ख़ुशी देगा आपका आत्मसमान बढेगा और तनाव आप से दूर होगा।


शायद सबसे प्रभावशाली चीजों में से एक, जिसे हम किसी अन्य व्यक्ति के लिए कर सकते हैं। वह यह है कि हमने उन्हें बताना चाहिए। कि हम क्या करने जा रहे थे। चाहे हम उसी मूड में हों या नहीं। जब हम यह कहते है । इससे सत्यनिष्ठा का पता चलता है।

7 अपने जीवन में सभी अच्छी चीजों के लिए आभारी रहें :

अतीत इतिहास है, भविष्य एक रहस्य है और ‘अभी’ एक उपहार है, इसलिए इसे “वर्तमान” कहते हैं। आपको पता नहीं है। कि कल क्या लाएगा, इसलिए हर एक क्षण के लिए आभारी रहें जब आप जीवित हैं। अपने परिवार, दोस्तों और स्वतंत्रता के लिए आभारी रहें। आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन के लिए भी आभारी रहें ।


इस तथ्य के लिए कि आपके सिर पर छत के साथ सोने के लिए एक गर्म, सूखी जगह है। जीवन की हर एक बूंद को आप सोख सकते हैं, क्योंकि अभी जो भी आपके पास है, वह अभी है। अभी में जियेंगे तो तनाव नही होगा।

8 हर काम कड़ी मेहनत, दृढ़ता और रचनात्मक ढंग से करें :


सबसे अच्छी सलाह मैं आपको दे सकता हूं कि हर काम इस तरह से करो। जिस तुम खुद संतुष्ट हो जाओ। बहुत थोड़े में सफ़लता की उम्मीद मत लगाओ। बल्कि लंबी दौड़ के लिए तैयार रहें। किसी भी चीज के साथ वास्तविक सफलता आमतौर पर महीनों और यहां तक कि वर्षों तक प्राप्त करने में होती है। खुद पर विश्वास करें और अपने सपनों पर विश्वास करें, सीखते रहें और कभी हार न मानें। अगर आप खुद से संतुष्ट होंगे तो तनाव कम होगा।

9 हर समय विनम्र बने रहें :

क्या आपने कभी अपनी कार रोकी है। कि किसी को सड़क पार करने दें क्या आपने कभी ऐसा किया है और बदले में कोई आभार प्राप्त नहीं किया है ? कोई मुस्कुराहट, कोई इशारा नहीं। अपने शिष्टाचार को स्वीकार करना क्या सरल काम नहीं है ? भले ही यह ऐसा छोटा काम लगता है, लेकिन दूसरों पर इसका प्रभाव बहुत बड़ा है।

शिष्टाचार कुछ ऐसा नहीं है जिसके लिए बहुत प्रयास की आवश्यकता होती है। हाँ यह आश्चर्य की बात है कि यह इन दिनों बहुत कम देखने को मिलता है।

लेकिन अगर हम सब एक दूसरे के प्रति थोड़ा दयालु होने के लिए ठोस प्रयास करते हैं। तो हम अनगिनत लोगों के जीवन में एक वैध अंतर ला सकते हैं।

10 कौन सही है, कि जगह क्या सही है पर ध्यान दें :


इस तरह की चीजें रिश्तों में कई तर्कों की जड़ हैं। लेकिन यही कारण है कि हमें अपने दिमाग में निष्पक्षता रखने की आवश्यकता है। क्या सबसे अधिक समझ में आता है? सभी के लिए क्या उचित है? लक्ष्य को इस तरह से पूरा करें कि हर कोई सहज हो जाए । यह समझ से परे है कि दूसरा व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा है। और यह फ़ैसला करने के लिए आपके निर्णय लेने का सही कारक है।

11 आप जो नियंत्रण नहीं कर सकते, उसके बारे में चिंता न करें :

हम अपने जीवन को अपने नियंत्रण से बाहर की चीजों की चिंता में बिताते हैं । एक प्राकृतिक आपदा, एक बड़ी बीमारी या दुर्घटना के शिकार लोग अपने जीवन को ठीक से नही जी पाते, जिस तरह से वे जीते थे। लेकिन वे खुद को आत्म-पीड़ा से भी बचा सकते हैं।


दूसरे शब्दों में, जब तक हम जीवन में आने वाले सभी परिणामों को नियंत्रित नहीं कर सकते। हम निश्चित रूप से इन परिणामों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित कर सकते हैं । अगर बारिश का होना आपके हाथ में है ही नही तो दुखी हो के क्या करोगे।
“अच्छा जीवन प्रेम से प्रेरित और ज्ञान द्वारा निर्देशित है।” – बर्ट्रेंड रसेल

12 एक जिम्मेदार इंसान बनें :

खुद के साथ ईमानदार रहें और जिम्मेदारी संभालने और परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार रहें। क्योंकि सामान्य मानव की प्रवृत्ति गलत काम के लिए जिम्मेदारी को अस्वीकार करने की है। बहुत कम लोग जीवन में अनिवार्य रूप से होने वाली त्रुटियों और हादसों के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराने को तैयार रहते हैं।


बेशक, ऐसे हालात हैं जो कभी-कभार हमें साथ ले जाते हैं। जिसके खिलाफ हमारे पास बहुत कम या कोई सहारा नहीं होता परन्तु अगर वो हमारी ज़िम्मेदारी थी तो हमे स्वीकारना चाहिए।

13 खुद को या दुनिया को गंभीरता से मत लो :

गीता की वो लाईन तो सबने सुनी होगी क्या ले कर आये हो क्या ले कर जाओगे। किसी को देना किसी से लेना ये सिर्फ आपके बाहरी विचार हैं। इनमे ज्यादा न उलझें। आप को आने वाले कल का भी पता नही है। चाहे आज कितना भी पहाड़ उखाड लो।

14 अच्छी किताबे पढ़े :

हाँ, आप ऐसी किताबो को पढ़ सकते है जो आपको एक नयी शिक्षा देती हों। जीवन में आगे बढ़ाने की सीख देती हो। आप उन लोगों जीवनी और संघर्ष के बारे मे भी पढ़ सकते हो जिनको आप अपना आदर्श मानते है।

इसके अलावा आप इन्टरनेट पर हमारा ब्लॉग Thriving Boost भी पढ़ सकते हो जो आपको लगातार कुछ नया और बेहतर जीवन जीने की शिक्षा देगा और आपके तनाव को कम करेगा।

15 हर दिन मुस्कुराएं और हंसें :

एक अजनबी की एक साधारण मुस्कान आपके पूरे दिन को चमका सकती है। हंसने से आपकी चिंताएं गायब हो जाती हैं। जितना हो सके हंसने और मुस्कुराने की आदत बनाएं, क्योंकि जब आप ऐसा करते हैं ।तो जीवन बहुत बेहतर होता है।

सकारात्मकता संक्रामक है, और आप पाएंगे कि लोग आपको बहुत अधिक पसंद कर रहे है। और तनाव तो आपके नजदीक भी नही आयेगा।