हिन्दी दिवस स्पेशल, अर्चना बाजपेयी

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“हिन्दी दिवस”की हार्दिक शुभकामनाएं सभी को।

हिंदी दोहा गीतिक

 देव गिरा से जन्म ले,ज्ञानमयी शुचि गात।
 गिरा मधुर रस ढारती, ज्यों मधुमय बरसात।
 भाषा के जग पटल पर, उदित हुई दिनमान।
 विश्व भवन में रश्मियाँ, इसकी बनी प्रपात।
 अक्षर लिपि मात्रिक कला, अदभुत सृजन विधान।
 ले प्रामाणिक मान्यता,कला सङ्ग सरसात।।
 अंक भरे अनमोल निधि,अमित गुणो की खान।
 सरल सरस अरु नेह की,देत अतुल सौगात।।
 निर्झरिणी सी झर रही,सरिता परम पुनीत।
 करे मार्जन पान जो, झूमे वह मदमात।।
 शुचिता मेरे भाल की, स्वाभिमान सम्मान।
 जननी सी पूजित हुई, हिन्दी अमर प्रभात।
 आओ ले संकल्प इक,करें नवल संधान।
 संवर्धन इसको मिले,ज्यों सावन में पात।।


 स्वरचित अर्चना बाजपेयी।
 हरदोई उत्तर -प्रदेश।

कवियित्री – अर्चना बाजपेयी

देशभक्ति कविता 2021
अर्चना बाजपेयी

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