हमे भारत पर गर्व करना चाहिए? या हमे शर्म आनी चाहिए।

भारत और India

आज कल हम जब भी अपने देश यानि की भारत के बारे में सोचते है तो दुबिदा में पड़ जाते है। कि हमे इस पर गर्व करना चाहिए? या हमे शर्म आनी चाहिए। क्योंकि हमारे एक देश में दो भारत है।

पहला भारत और दूसरा भारत

एक भारत जहां करोड़पति कर्ज ले कर भाग रहे है और दूसरा भारत जहां रतन टाटा जैसे कारोबारी अपने लाभ से ज्यादा लोगों के बारे में सोच रहे है। एक भारत जहां आज भी धर्म के नाम पर आग लग रही है और दूसरा वो भारत जहां लोग अपने बीते हुए कल को भुला कर गले मिल रहे है। एक भारत जो दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों का घर कहलाता है, और दूसरा वो भारत जो साफ-सुथरी अक्षय ऊर्जा को हर घर में पहुँचा रहा है। तो हम कौन से भारत का हिस्सा हैं। आईये आपको दूसरे भारत से मिलते है।

तीन ऐसी कहानी जो असंभव सी लगती है

लेकिन सच है। अगर आपको अच्छी लगेंगी तो कमेन्ट कर के हमे भी बताना और अपने दोस्तों को भी।

1. मल से बिजली बना सकता है। 

असंभव लगता है ना? लेकिन पद्धम भूषण डॉ० बिन्देश्वर पाठक जी ने ये कर के दिखाया है। एक केस स्टडी में इन्होंने पाया कि भारत की आदि जनसंख्या के पास शौचालय नहीं है। तो इन्होंने 1970 से लेकर 15 लाख शौचालय बनाए हैं जिन्हे आप सुलभ शौचालय के नाम से जानते है।

फिर उन्होंने सोचा की इन से निकलने वाले गन्ध का क्या होगा? तो ध्यान आया बायो गैस का। भारत के 190 से भी ज्यादा सुलभ शौचालयों में ऊर्जा बनाने के प्लांट लगाए हुए है। जहां इस सड़े गले गंध से बिजली बनाई जाती है। जिसका प्रयोग खाना बनाने और स्ट्रीट लाइट जलाने के लिए होता है।

इस प्रक्रिया से सिर्फ गैस ही नहीं बनाई जाती बल्कि जो पानी पीछे रह जाता है उसे पोधों में देने के प्रयोग में लाया जाता है। हमारे मल से निकल पानी पोधों के लिए बहुत उपयोगी है ये उन्हे nutrition देता है। ये लगता असंभव है लेकिन सच है।

2. 150 रुपये में हृदय का ऑपरेशन।

गरीब लोग महंगे ऑपरेशन नहीं करवा सकते लेकिन महीने के 10 रुपये दे सकते है। उसमे सरकार की तरफ से 30 रुपये जोड़ कर उनके लिए एक स्वास्थ्य बीमा बन सकता है। साल के सिर्फ 150 रुपये दे कर हृदय के ऑपरेशन होने लगे तो, असंभव लगता है। लेकिन आज 1 करोड़ लोग इस कम राशि के बीमा का हिस्सा हैं। एक लाख से ज्यादा इतनी कम धनराशि में ऑपरेशन हो चुके है।

ये सब संभव हुआ है डॉ० देवी शेट्टी की बजह से। वो एक हृदय रोग बिशेषज्ञ हैं जिन्होंने नारायनन हेल्थ अस्पताल की स्थापना की। समस्या गरीब लोग नहीं है समस्या है गरीबी।

ये अस्पताल दुनिया के सबसे सस्ते अस्पताल माने जाते है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो घाटे में है। जहां भारत के 12% ह्रदय के ऑपरेशन होते है। ज्यादा सर्जरी करने की बजह से चिकित्सकों का अनुभव भी ज्यादा है और आमदनी भी अच्छी हो जाती है। क्योंकि ज्यादा सर्जरी मतलब ज्यादा औजार चाहिए जो इकट्ठे खरीदने पर सस्ते पड जाते है।

काम खर्च लेकिन अच्छी गुणवता। लगता असंभव है लेकिन सच है।  

3.     एक औरत के 8000 बच्चे।

शादी के लगभग 25 साल बाद तक भी थिम्मक्का जो कि हुलिकाल(कर्नाटक) से है की कोई संतान नहीं थी। तो उन्होंने अपने पति के साथ मिल कर 3000 बांस के पैड और 8000 से ज्यादा दूसरे पैड लगाए। और उन्हे अपना वारिस समझ कर बड़ा किया।

आज सलूमरादा थिममक्का 109 साल की हैं और पिछले 70 सालों से वो NH94(हुलिकाल से कुदरू गाँव तक) पर पैड लगा रहीं हैं। वो कभी स्कूल नहीं गई ना ही वो जलवायु परिवर्तन के बारे में कुछ जानती है। उन्हे सिर्फ इतना पता है की ये पैड छाँव देता है।

छोटे से गाँव की इस महान आत्मा को पद्धम शिरी लेते समय जब हम राष्ट्रपति को आशिर्वाद देते हुए देखते है। तो ये साधारण से क्षण लगते असंभव है लेकिन सच है।

नतीजा क्या निकला ?

  • सच है की हमारे भारत में दुनिया भर की समस्याएं हैं। लेकिन ये भी सच है कि इन सभी समस्याओं के हल यहीं से आ सकते हैं।
  • हमने देशभक्ति को काफी पैचीदा कर दिया है। लेकिन हो सकता हो कि वो काफी साधारण हो।
  • तो हम क्या कर सकते है हाँ एक सवाल पूछ सकते है हम कौन से भारत का हिस्सा बनना चाहते है? पहले भारत का जो किसी भी समस्या को देख कर पहले ही हार मान जाता है। या दूसरे भारत का जो हल खोजने के लिए किसी दूसरे का इंतजार नहीं करता।

क्या करें?

तो आईये एक ऐसा भारत बनाएं जो आप देखना चाहते है।

जिस चीज को आप ज्यादा share करेंगे वैसी ही चीज आप ज्यादा पाएंगे। जिन लोगों को आप मदद करोगे वैसे ही लोग उबर कर आएंगे। हर छोटा कदम जिस दिशा में उठायेंगे, उसी दिशा में भारत को ले जाएंगे।

आपके इस बिषय पर क्या विचार में हमे जरूर बताएं। अगर आप के पास भी ऐसा कोई idea है जिससे भारत सही दिशा में जा सकता है तो हम आपके साथ है।

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