जिंदगी संघर्ष है, सुरेश जाट द्वारा

man with prosthetic leg exercising on street

जिंदगी संघर्ष है।

  हौसलों को हताश न कर
  जगा आत्मविश्वास अपना
  समझ परिस्थिति प्रहार कर
  प्रचंड कर शक्ति अपनी 
  लक्ष्य पर प्रत्यक्ष वार कर
  संक्षिप्त नहीं प्रयास तुम्हारा
  टकरा लहरों से किश्ती पार कर
  वक्त को बदलना है
  प्रतिपल काबिलियत जिंदा रख
  प्राप्त कर अपने किरदार को
  सपनों से साक्षात्कार कर
  लिख स्वर्णिम इतिहास अपना 
  जीतकर मंजिल खत्म इंतजार कर
  कर्म योद्धा बन समर्पित भाव से
  अदृश्य ईश्वर पर विश्वास कर
  जिंदगी संघर्ष है 
 हौसलों को हताश न कर


 सुरेश जाट 'अभय '
 

कवि – सुरेश जाट

हिन्दी कविता प्रतियोगिता के प्रतिभागी
सुरेश जाट

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